{"_id":"258a0b952c63cb898560dad330c0926d","slug":"anant-chaturdashi-celebrated-with-fanfare-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मनायी अनंत चतुर्दशी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मनायी अनंत चतुर्दशी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 28 Sep 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दशलक्षण पर्व की श्रृंखला में रविवार को संयम और तप की सुगंध से अंतस को महकाने वाला अनंत चतुर्दशी धूमधाम से मनाई गई। मंदिरों से शोभायात्रा निकाली गई।
यात्रा में नगर के सभी जैन मंदिरों से बालक इंद्र के वेश रुप में बैंडबाजों के साथ जैन फाटक स्थित जैन मंदिर पहुंचे। जहां समाज के अध्यक्ष राजेश जैन ने इस वर्ष की वार्षिक गजोरथोत्सव यात्रा का आयोजन करने का सौभाग्य अक्षय जैन, आशीष जैन को करने की घोषणा की।
मंदिरों में प्रतिदिन की भांति पूजन हुआ। इससे पूर्व श्रावकों ने श्रीजी का जलाभिषेक कर सर्वकल्याण की प्रार्थना की। जैन बाग सिथत श्री दिगम्बर जैन मंदिर, प्रताप नगर, बड़तला यादगार, राघवपुरम, शोरमियान, चौधरियान, संगियान, सर्राफा कबाड़ी बाजार आदि स्थानों से आयी यात्रा का संगम सर्राफा बाजार में हुआ।
विज्ञापन
यात्रा में बैंडबाजों संग नन्हे और किशोर बालक इंद्रवेश मस्तक पर मुकुट बांधे हाथों में चांदी के कलश लिये सभी के आकर्षण का केेंद्र बने थे। यात्रा जैन फाटक स्थित दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। वहां बाल इंद्रों ने जल से अपने कलशों को भरा। राजेश जैन ने कहा कि इस वर्ष के वार्षिक गजोरथोत्सव यात्रा पंचायती न होकर व्यक्तिगत रूप से होगी। इसका प्रारंभ 30 अक्तूबर से चार नवंबर तक किया जाएगा।
हर्षोल्लास के साथ मनाय पर्व
सरसावा। जैन समाज द्वारा अनंत चतुर्दशी का पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजापाठ के उपरांत दशलक्षण पर्व का समापन किया गया तथा परंपरागत रूप से जलकलश यात्रा निकाली गई, जिसका अनेक स्थानों पर स्वागत किया गया।
रविवार को अनंत चतुर्दशी के दिन नगर की जैन समाज के योगदान में भादो माह तथा बीते दस दिन से चल रहे दशलक्षण पर्व तथा आरतियों का शानदार समापन किया गया। इस मौके पर सर्राफा बाजार स्थित पंचायती जैन मंदिर में श्रीजी के अभिषेक एवं शांतिधारा के पश्चात विशेष पूजा अर्चना की गयी। चतुर्दशी के दिन जैन धर्म के तीर्थंकर वासुपूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक हुआ था।
दोपहर में जैन समाज द्वारा परंपरागत रूप से पंचायती मंदिर से जलकलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में सबसे आगे जैन धर्म की पताका फहरा रही थी, जिसके बाद भजन मंडली में शामिल युवा नाचते गाते तथा धार्मिक नृत्य करते हुए चल रहे थे। बैंडबाजों से सुसज्जित जलकलश यात्रा के अंतिम छोर पर इंद्र हाथों में जल तथा रत्नों के कलश लिए हुए चल रहे थे।
शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पर आकर संपन्न हुई। जहां दिन ढलने से पूर्व पुन: श्रीजी का अभिषेक कर प्रतिमा जी को वेदी में स्थापित कर दिया गया।
इस मौके पर समाज के अध्यक्ष सतीश चंद जैन, मंत्री सतीश कुमार जैन, नरेश चंद जैन, बाबूराम जैन, विनोद कुमार जैन, विशाल चंद जैन, दिनेश जैन, अमित कुमार जैन द्वितीय, विवेक जैन, अंकित जैन, संजय जैन, अनुभव जैन आदि जैन समाज आदि मौजूद रहे।
इस अवसर पर सुदेश जैन, विजेवंद्र जैन, अजित जैन, शैलेंद्र जैन, सतेंद्र जैन, संदीप जैन, अमित जैन दादू, मुकेश जैन, दीपक जैन, पोरस जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन, मनीष जैन, विशाल जैन, अविनाश जैन, जयदीप जैन, अनूप जैन आदि मौजूद रहे।
उधर, श्री पारसनाथ धर्म प्रभावना कमेटी की ओर से श्री दिगंबर जैन मंदिर किरपी बाई, लार्ड महावीरा एकेडमी आदि में दशलक्षण पर्व धूमधाम से मनाया गया।
विज्ञापन
यात्रा में नगर के सभी जैन मंदिरों से बालक इंद्र के वेश रुप में बैंडबाजों के साथ जैन फाटक स्थित जैन मंदिर पहुंचे। जहां समाज के अध्यक्ष राजेश जैन ने इस वर्ष की वार्षिक गजोरथोत्सव यात्रा का आयोजन करने का सौभाग्य अक्षय जैन, आशीष जैन को करने की घोषणा की।
विज्ञापन
मंदिरों में प्रतिदिन की भांति पूजन हुआ। इससे पूर्व श्रावकों ने श्रीजी का जलाभिषेक कर सर्वकल्याण की प्रार्थना की। जैन बाग सिथत श्री दिगम्बर जैन मंदिर, प्रताप नगर, बड़तला यादगार, राघवपुरम, शोरमियान, चौधरियान, संगियान, सर्राफा कबाड़ी बाजार आदि स्थानों से आयी यात्रा का संगम सर्राफा बाजार में हुआ।
विज्ञापन
यात्रा में बैंडबाजों संग नन्हे और किशोर बालक इंद्रवेश मस्तक पर मुकुट बांधे हाथों में चांदी के कलश लिये सभी के आकर्षण का केेंद्र बने थे। यात्रा जैन फाटक स्थित दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। वहां बाल इंद्रों ने जल से अपने कलशों को भरा। राजेश जैन ने कहा कि इस वर्ष के वार्षिक गजोरथोत्सव यात्रा पंचायती न होकर व्यक्तिगत रूप से होगी। इसका प्रारंभ 30 अक्तूबर से चार नवंबर तक किया जाएगा।
हर्षोल्लास के साथ मनाय पर्व
सरसावा। जैन समाज द्वारा अनंत चतुर्दशी का पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजापाठ के उपरांत दशलक्षण पर्व का समापन किया गया तथा परंपरागत रूप से जलकलश यात्रा निकाली गई, जिसका अनेक स्थानों पर स्वागत किया गया।
रविवार को अनंत चतुर्दशी के दिन नगर की जैन समाज के योगदान में भादो माह तथा बीते दस दिन से चल रहे दशलक्षण पर्व तथा आरतियों का शानदार समापन किया गया। इस मौके पर सर्राफा बाजार स्थित पंचायती जैन मंदिर में श्रीजी के अभिषेक एवं शांतिधारा के पश्चात विशेष पूजा अर्चना की गयी। चतुर्दशी के दिन जैन धर्म के तीर्थंकर वासुपूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक हुआ था।
दोपहर में जैन समाज द्वारा परंपरागत रूप से पंचायती मंदिर से जलकलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में सबसे आगे जैन धर्म की पताका फहरा रही थी, जिसके बाद भजन मंडली में शामिल युवा नाचते गाते तथा धार्मिक नृत्य करते हुए चल रहे थे। बैंडबाजों से सुसज्जित जलकलश यात्रा के अंतिम छोर पर इंद्र हाथों में जल तथा रत्नों के कलश लिए हुए चल रहे थे।
शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पर आकर संपन्न हुई। जहां दिन ढलने से पूर्व पुन: श्रीजी का अभिषेक कर प्रतिमा जी को वेदी में स्थापित कर दिया गया।
इस मौके पर समाज के अध्यक्ष सतीश चंद जैन, मंत्री सतीश कुमार जैन, नरेश चंद जैन, बाबूराम जैन, विनोद कुमार जैन, विशाल चंद जैन, दिनेश जैन, अमित कुमार जैन द्वितीय, विवेक जैन, अंकित जैन, संजय जैन, अनुभव जैन आदि जैन समाज आदि मौजूद रहे।
इस अवसर पर सुदेश जैन, विजेवंद्र जैन, अजित जैन, शैलेंद्र जैन, सतेंद्र जैन, संदीप जैन, अमित जैन दादू, मुकेश जैन, दीपक जैन, पोरस जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन, मनीष जैन, विशाल जैन, अविनाश जैन, जयदीप जैन, अनूप जैन आदि मौजूद रहे।
उधर, श्री पारसनाथ धर्म प्रभावना कमेटी की ओर से श्री दिगंबर जैन मंदिर किरपी बाई, लार्ड महावीरा एकेडमी आदि में दशलक्षण पर्व धूमधाम से मनाया गया।