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हंगामे के बीच 351 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को हरी झंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 28 May 2016 12:17 AM IST
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District Planning Committee meeting, Minister take.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में जिला योजना समिति की बैठक हंगामेदार रही। जिला पंचायत सदस्यों ने जिले की सड़कों की हालत और हैंडपंपों को उनके बिना पूछे लगाए जाने को लेकर जमकर हंगामा किया।
डीएम के जांच कर कार्रवाई करने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। इस दौरान जिला प्रभारी मंत्री बलराम यादव ने 351 करोड़ रुपये की जिला योजना को हरी झंडी दे दी।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री बलराम यादव की अध्यक्षता में विकास भवन में जिला योजना समिति की बैठक हुई, जिसमें जिला पंचायत सदस्यों एवं विधायकों ने जिले की सड़कों एवं पुलों की हालत पर चिंता जताते हुए बजट न मिलने एवं निर्माण न होने पर रोष जताया।
उनका कहना था कि निर्माण के प्रस्ताव का क्या होगा, जब मरम्मत का भी पैसा नहीं मिल रहा। सड़कों की मरम्मत ही हो जाए, तो भी जिले की हालत सुधर जाए। टापर गांव में सड़क नहीं है, चिलकाना पुल दो साल से बंद है, जिससे सड़क भी बंद हो चुकी है, बड़गांव मार्ग की हालत खराब है,
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8-8 किलामीटर सड़क की मरम्मत का अधिकार दिया था, उनका भी बजट नहीं मिला। दतौली के पुल का निर्माण 2012 में पूरा होना था, लेकिन 2020 तक भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा। शहर में आने वाले वाहनों के लिए आज तक बाईपास नहीं बन पाया।
हैंडपंपों एवं पेयजल योजनाओं पर भी लोग जमकर भड़के। जिला पंचायत सदस्य नक्षत्र सिंह ने आरोप लगाया कि सभी को आश्वासन दिया गया था कि हैंडपंप जनप्रतिनिधि के बताए स्थान पर लगाए जाएंगे, लेकिन हैंडपंप लगाए गए भी या नहीं, कहां लगाए गए कोई जानकारी नहीं है।
किसी से नहीं पूछा गया। इस पर जल निगम के अधिकारी भी जवाब नहीं दे सके। डीएम ने इसकी जांच के आदेश दिए और इस बार सभी को 5-5 हैंडपंपों के लिए स्वीकृति दी।
गांवों में पेयजल पाइपलाइन न बनाए जाने पर रोष जताया गया। सदस्यों ने कहा कि पेयजल योजनाएं ठप हैं, जन सहभागिता से भी योजनाओं के लिए पैसा नहीं दिया जा रहा। कई गांवों में पानी चले बिना ही योजनाएं ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दी गईं।
बैठक में सरसावा की सहकारी समिति के मामले में भी हंगामा हुआ। बैठक में चेक डेम, अस्पताल, स्कूलों, खेलकूद, स्वच्छता, पुष्टाहार को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक में प्रभारी मंत्री बलराम यादव ने सभी योजनाओं को ठीक करने के निर्देश दिए। इस दौरान 351 करोड़ रुपये के जिला योजना के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। सबसे अधिक बजट सड़कों एवं समाज कल्याण विभाग के लिए रखा गया।
बैठक में डीएम पवन कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह, देवबंद विधायक माविया अली, गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी, बेहट विधायक महावीर राणा, सपा जिलाध्यक्ष मजाहिर हसन मुखिया, अर्थ एवं संख्या अधिकारी रजनीश मौजूद रहे।
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डीएम के जांच कर कार्रवाई करने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। इस दौरान जिला प्रभारी मंत्री बलराम यादव ने 351 करोड़ रुपये की जिला योजना को हरी झंडी दे दी।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री बलराम यादव की अध्यक्षता में विकास भवन में जिला योजना समिति की बैठक हुई, जिसमें जिला पंचायत सदस्यों एवं विधायकों ने जिले की सड़कों एवं पुलों की हालत पर चिंता जताते हुए बजट न मिलने एवं निर्माण न होने पर रोष जताया।
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उनका कहना था कि निर्माण के प्रस्ताव का क्या होगा, जब मरम्मत का भी पैसा नहीं मिल रहा। सड़कों की मरम्मत ही हो जाए, तो भी जिले की हालत सुधर जाए। टापर गांव में सड़क नहीं है, चिलकाना पुल दो साल से बंद है, जिससे सड़क भी बंद हो चुकी है, बड़गांव मार्ग की हालत खराब है,
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8-8 किलामीटर सड़क की मरम्मत का अधिकार दिया था, उनका भी बजट नहीं मिला। दतौली के पुल का निर्माण 2012 में पूरा होना था, लेकिन 2020 तक भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा। शहर में आने वाले वाहनों के लिए आज तक बाईपास नहीं बन पाया।
हैंडपंपों एवं पेयजल योजनाओं पर भी लोग जमकर भड़के। जिला पंचायत सदस्य नक्षत्र सिंह ने आरोप लगाया कि सभी को आश्वासन दिया गया था कि हैंडपंप जनप्रतिनिधि के बताए स्थान पर लगाए जाएंगे, लेकिन हैंडपंप लगाए गए भी या नहीं, कहां लगाए गए कोई जानकारी नहीं है।
किसी से नहीं पूछा गया। इस पर जल निगम के अधिकारी भी जवाब नहीं दे सके। डीएम ने इसकी जांच के आदेश दिए और इस बार सभी को 5-5 हैंडपंपों के लिए स्वीकृति दी।
गांवों में पेयजल पाइपलाइन न बनाए जाने पर रोष जताया गया। सदस्यों ने कहा कि पेयजल योजनाएं ठप हैं, जन सहभागिता से भी योजनाओं के लिए पैसा नहीं दिया जा रहा। कई गांवों में पानी चले बिना ही योजनाएं ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दी गईं।
बैठक में सरसावा की सहकारी समिति के मामले में भी हंगामा हुआ। बैठक में चेक डेम, अस्पताल, स्कूलों, खेलकूद, स्वच्छता, पुष्टाहार को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक में प्रभारी मंत्री बलराम यादव ने सभी योजनाओं को ठीक करने के निर्देश दिए। इस दौरान 351 करोड़ रुपये के जिला योजना के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। सबसे अधिक बजट सड़कों एवं समाज कल्याण विभाग के लिए रखा गया।
बैठक में डीएम पवन कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह, देवबंद विधायक माविया अली, गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी, बेहट विधायक महावीर राणा, सपा जिलाध्यक्ष मजाहिर हसन मुखिया, अर्थ एवं संख्या अधिकारी रजनीश मौजूद रहे।