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Saharanpur News: बिना मानक पूरे किए सड़कों पर फर्राटा भर रहीं एंबुलेंस
Mon, 27 May 2024 01:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 27 May 2024 01:47 AM IST
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सहारनपुर। जिले में बीमार एंबुलेंस सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दरअसल, 36 एंबुलेंस ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस खत्म हो चुकी। इन एंबुलेंस संचालकों को दिसंबर 2023 और फरवरी 2024 में नोटिस दिए गए, लेकिन अभी तक मानक पूरे कर फिटनेस नहीं कराई।
संभागीय परिवहन विभाग में 82 निजी एंबुलेंस पंजीकृत हैं। इनमें से 46 की फिटनेस और कागजात पूरे हैं। 36 एंबुलेंस की फिटनेस नहीं हुई है, जबकि हकीकत तो यह है कि जिले में 100 से अधिक एंबुलेंस चल रही हैं। यह लोग जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और बाजोरिया रोड पर इन्हें खड़ी कर लेते हैं और मौका लगते ही मरीज को लेकर निकल जाते हैं। इनके कुछ लोग सरकारी अस्पतालों में लगे रहते हैं। यह मरीज को जल्दी पहुंचने की सलाह देते हैं। इसके बदले में उन्हें एंबुलेंस संचालक कमीशन देते हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन एमपी सिंह ने बताया कि 36 एंबुलेंस संचालकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। अधिकतर एंबुलेंस सरकारी अस्पतालों, पोस्टमार्टम हाउस और निजी अस्पतालों के बाहर खड़ी रहती हैं। जिन एंबुलेंस की अभी तक फिटनेस नहीं हुई, उनको नोटिस लगातार भेजे जा रहे हैं। इनके मानक पूरे नहीं होने के कारण हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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-- एंबुलेंस के मानक
- एंबुलेंस में मरीज के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए।
- प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और जरूरी दवाएं उपलब्ध हों।
- प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर, कार्डियक मॉनीटर, बीपी मॉनीटर, ऑक्सीजन मशीनों का जानकार हो।
-खुलने बंद होने वाली खिड़कियां, थर्मो इलेक्ट्रिक कूलर, दो ऑक्सीजन सिलिंडर होने चाहिएं।
- इलेक्ट्रॉनिक सायरन होना चाहिए।
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संभागीय परिवहन विभाग में 82 निजी एंबुलेंस पंजीकृत हैं। इनमें से 46 की फिटनेस और कागजात पूरे हैं। 36 एंबुलेंस की फिटनेस नहीं हुई है, जबकि हकीकत तो यह है कि जिले में 100 से अधिक एंबुलेंस चल रही हैं। यह लोग जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और बाजोरिया रोड पर इन्हें खड़ी कर लेते हैं और मौका लगते ही मरीज को लेकर निकल जाते हैं। इनके कुछ लोग सरकारी अस्पतालों में लगे रहते हैं। यह मरीज को जल्दी पहुंचने की सलाह देते हैं। इसके बदले में उन्हें एंबुलेंस संचालक कमीशन देते हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन एमपी सिंह ने बताया कि 36 एंबुलेंस संचालकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। अधिकतर एंबुलेंस सरकारी अस्पतालों, पोस्टमार्टम हाउस और निजी अस्पतालों के बाहर खड़ी रहती हैं। जिन एंबुलेंस की अभी तक फिटनेस नहीं हुई, उनको नोटिस लगातार भेजे जा रहे हैं। इनके मानक पूरे नहीं होने के कारण हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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- एंबुलेंस में मरीज के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए।
- प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और जरूरी दवाएं उपलब्ध हों।
- प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर, कार्डियक मॉनीटर, बीपी मॉनीटर, ऑक्सीजन मशीनों का जानकार हो।
-खुलने बंद होने वाली खिड़कियां, थर्मो इलेक्ट्रिक कूलर, दो ऑक्सीजन सिलिंडर होने चाहिएं।
- इलेक्ट्रॉनिक सायरन होना चाहिए।