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दो घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस, मजदूर ने दम तोड़ा
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सीएमओ बोले, पूरे प्रकरण की होगी जांच
नागल(सहारनपुर)। लॉकडाउन में एक मजदूर की तबीयत शुक्रवार की देर शाम को बिगड़ गई। एंबुलेंस का घंटों इंतजार होता रहा, लेकिन वह नहीं पहुंची। इस दौरान मजदूर की मौत हो गई। सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
नागल के गांव साधारणसिर निवासी तीस वर्षीय पप्पू उर्फ टेंपो पुत्र अमृतलाल गांव के ही एक किसान के यहां मजदूरी करता था। शुक्रवार की देर शाम वह मजदूरी करके लौटा तो अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। परिजनों ने बताया कि उसे खून की उल्टी होने लगी। उन्होंने एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 सेवा पर फोन किया। ग्रामीण संजय, केहर व रविंद्र आदि ने बताया कि काल करने के दो घंटे बाद तक भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। उपचार के अभाव में पप्पू की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। रात में ही परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन साल के बेटे को छोड़ गया है। उसकी मौत के बाद इन दोनों के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इधर, नागल सीएचसी के इंचार्ज डॉ. विकास पाल का कहना है कि मामला अब तक उनके संज्ञान में नहीं था। वह पूरे मामले की जांच करा रहे हैं।
--वर्जन--
अगर ऐसा है तो गंभीर मामला है। एंबुलेंस को कॉल किया गया है तो उसकी कॉल डिटेल्स निकाली जाएगी। जिससे पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। यदि वाकई में कॉल करने पर एंबुलेंस नहीं पहुंची तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के संबंधित चिकित्सा प्रभारी को टीम सहित जांच के लिए गांव भेज दिया गया है।
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डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ, सहारनपुर
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नागल(सहारनपुर)। लॉकडाउन में एक मजदूर की तबीयत शुक्रवार की देर शाम को बिगड़ गई। एंबुलेंस का घंटों इंतजार होता रहा, लेकिन वह नहीं पहुंची। इस दौरान मजदूर की मौत हो गई। सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
नागल के गांव साधारणसिर निवासी तीस वर्षीय पप्पू उर्फ टेंपो पुत्र अमृतलाल गांव के ही एक किसान के यहां मजदूरी करता था। शुक्रवार की देर शाम वह मजदूरी करके लौटा तो अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। परिजनों ने बताया कि उसे खून की उल्टी होने लगी। उन्होंने एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 सेवा पर फोन किया। ग्रामीण संजय, केहर व रविंद्र आदि ने बताया कि काल करने के दो घंटे बाद तक भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। उपचार के अभाव में पप्पू की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। रात में ही परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन साल के बेटे को छोड़ गया है। उसकी मौत के बाद इन दोनों के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इधर, नागल सीएचसी के इंचार्ज डॉ. विकास पाल का कहना है कि मामला अब तक उनके संज्ञान में नहीं था। वह पूरे मामले की जांच करा रहे हैं।
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अगर ऐसा है तो गंभीर मामला है। एंबुलेंस को कॉल किया गया है तो उसकी कॉल डिटेल्स निकाली जाएगी। जिससे पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। यदि वाकई में कॉल करने पर एंबुलेंस नहीं पहुंची तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के संबंधित चिकित्सा प्रभारी को टीम सहित जांच के लिए गांव भेज दिया गया है।
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डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ, सहारनपुर