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Saharanpur News: वायरल के साथ सर्दी में निमोनिया का भी बढ़ा खतरा, पांच नौनिहाल भर्ती
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सहारनपुर। वायरल के साथ अब सर्दी बढ़ने से बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। एसबीडी जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में निमोनिया से पीड़ित पांच बच्चे भर्ती हैं। चिकित्सक बदलते मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।
न्यूनतम तापमान गिरने और ठंडी हवा चलने से सर्दी का सितम बढ़ रहा है। तीन दिन से सर्दी ने खासा जोर पकड़ा है। बदलते मौसम से लोगों को जुकाम, खांसी और बुखार की समस्या बनी हुई है। अब बच्चों को निमोनिया ने जकड़ लिया है। अभिभावक एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चों को लेकर उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सफल कुमार ने बताया कि सर्दी की वजह से बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ा है। इसलिए ओपीडी में रोजाना 70 से 80 के बीच बच्चे आ रहे। शुक्रवार को ओपीडी से निमोनिया के दो बच्चे भर्ती किए। तीन बच्चे पहले से ही वार्ड में भर्ती है। उन्होंने बताया कि बच्चों में निमोनिया का खतरा टीकाकरण से कम किया जा सकता है।
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n थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए पड़ सकती है भारी : मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए भारी पड़ सकती है। सर्दियों में बच्चों के हाथ, पैर और सिर पूरी तरह से ढके होने चाहिए। बच्चों के लिए ठंड से ज्यादा हवा नुकसानदायक है।
न्यूनतम तापमान गिरने और ठंडी हवा चलने से सर्दी का सितम बढ़ रहा है। तीन दिन से सर्दी ने खासा जोर पकड़ा है। बदलते मौसम से लोगों को जुकाम, खांसी और बुखार की समस्या बनी हुई है। अब बच्चों को निमोनिया ने जकड़ लिया है। अभिभावक एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चों को लेकर उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सफल कुमार ने बताया कि सर्दी की वजह से बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ा है। इसलिए ओपीडी में रोजाना 70 से 80 के बीच बच्चे आ रहे। शुक्रवार को ओपीडी से निमोनिया के दो बच्चे भर्ती किए। तीन बच्चे पहले से ही वार्ड में भर्ती है। उन्होंने बताया कि बच्चों में निमोनिया का खतरा टीकाकरण से कम किया जा सकता है।
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n थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए पड़ सकती है भारी : मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए भारी पड़ सकती है। सर्दियों में बच्चों के हाथ, पैर और सिर पूरी तरह से ढके होने चाहिए। बच्चों के लिए ठंड से ज्यादा हवा नुकसानदायक है।