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Saharanpur News: डेंगू, टाइफाइड के साथ अब चिकनगुनिया ने भी जकड़ा
Tue, 24 Sep 2024 03:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 24 Sep 2024 03:22 AM IST
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सहारनपुर। इस समय शहर से लेकर देहात तक डेंगू और टाइफाइड से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब चिकनगुनिया भी लोगों को जकड़ रहा है। स्थिति यह है कि रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी में 300 से अधिक बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं अस्पताल में खांसी और जुकाम पीड़ितों की संख्या भी बढ़ी है।
पिछले कई दिनों से लगातार चिकनगुनिया के मरीज सामने आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल की बात करें तो बच्चों से लेकर बड़ों की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1462 मरीज पहुंचे। इनमें 300 से अधिक ओपीडी फिजिशियन की हुई। जिनमें अधिकांश मरीज बुखार के शामिल रहे। आलम यह है कि पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। वायरल बुखार के मरीजों को ठीक होने में आठ से दस दिन लग रहे।
सर्वर बंद होने के कारण हाथ से बनाने पड़े पर्चे
सोमवार को सर्वर बंद होने के कारण जिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर में मरीजों के पर्चे हाथ से बनाने पड़े। जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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चिकनगुनिया में त्वचा पर हो जाते हैं लाल चकत्ते
चिकनगुनिया होने पर जोड़ों और मांसपेशियों में अत्यधिक दर्द होता है। त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाते हैं। सिर दर्द और चक्कर के साथ ही हाथ-पैर की उंगलियां ठंडी पड़ जाती है। चिकनगुनिया एक बार होने पर चार से 12 दिन तक रहता है और इस दौरान हड्डियों, मांसपेशियों और त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इसके मरीजों को आराम करना चाहिए। मरीज का मच्छरों से बचाव करना जरूरी है।
मौसम परिवर्तन के चलते संक्रामक बीमारियां के मरीज बढ़ रहे हैं। डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के मामले भी मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर कई दिन से बुखार नहीं उतर रहा है तो वह अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को दिखाकर दवा शुरू करें।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
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पिछले कई दिनों से लगातार चिकनगुनिया के मरीज सामने आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल की बात करें तो बच्चों से लेकर बड़ों की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1462 मरीज पहुंचे। इनमें 300 से अधिक ओपीडी फिजिशियन की हुई। जिनमें अधिकांश मरीज बुखार के शामिल रहे। आलम यह है कि पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। वायरल बुखार के मरीजों को ठीक होने में आठ से दस दिन लग रहे।
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सर्वर बंद होने के कारण हाथ से बनाने पड़े पर्चे
सोमवार को सर्वर बंद होने के कारण जिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर में मरीजों के पर्चे हाथ से बनाने पड़े। जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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चिकनगुनिया में त्वचा पर हो जाते हैं लाल चकत्ते
चिकनगुनिया होने पर जोड़ों और मांसपेशियों में अत्यधिक दर्द होता है। त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाते हैं। सिर दर्द और चक्कर के साथ ही हाथ-पैर की उंगलियां ठंडी पड़ जाती है। चिकनगुनिया एक बार होने पर चार से 12 दिन तक रहता है और इस दौरान हड्डियों, मांसपेशियों और त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इसके मरीजों को आराम करना चाहिए। मरीज का मच्छरों से बचाव करना जरूरी है।
मौसम परिवर्तन के चलते संक्रामक बीमारियां के मरीज बढ़ रहे हैं। डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के मामले भी मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर कई दिन से बुखार नहीं उतर रहा है तो वह अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को दिखाकर दवा शुरू करें।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी