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साढ़े आठ महीने सहारनपुर के एसएसपी रहे आकाश
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एसएसपी आकाश तोमर
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। शासन ने शनिवार को प्रदेश में कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। अब तक सहारनपुर के एसएसपी रहे आकाश तोमर को जनपद गोंडा की कमान सौंपी गई है। उनकी जगह गोरखपुर से आईपीएस विपिन टाडा को सहारनपुर का नया एसएसपी बनाया गया है।
आकाश तोमर को गत वर्ष 23 अक्तूबर को यहां का एसएसपी बनाया गया था। वो साढ़े आठ माह जनपद के कप्तान रहे। उनके कार्यकाल में कई बड़ी कार्रवाई भी पुलिस ने की है। इसके तहत खनन माफिया और पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और इस गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा कसा गया। एसएसपी के निर्देशन में पुलिस ने हाजी इकबाल एसोसिएट के खिलाफ कार्रवाई की। तमाम मामलों की जांच को एसआईटी गठित की। हाजी इकबाल उनके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली के अलावा उनके बेटों के खिलाफ गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीट खोलने आदि की कार्रवाई की। पुलिस प्रशासन ने हाजी इकबाल के नौकर नसीम के अलावा उनके बेटों जावेद, अफजाल, अलीशान को जेल भेजा। साथ ही उसकी 128 करोड़ की 174 बेनामी संपत्तियां जब्त की गई। इसके अलावा कई बदमाशों ने पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। जुमे की नमाज के बाद उपद्रव करने वालों से सख्ती से निपटा गया, लेकिन कुछ मामलों का खुलासा भी नहीं हुआ। इनमें प्रमुख कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव मोहनपुरा में सगे भाई पुन्नू व लीलू भगत हत्याकांड का पुलिस सात माह बाद भी खुलासा नहीं कर पाई, जबकि इस खुलासे के लिए तीन टीमों को लगाया गया था, लेकिन पुलिस कोई सफलता नहीं मिल सकी।
अपनी अलग कार्य शैली के लिए पहचाने जाते हैं डॉ. विपिन टाडा
सहारनपुर। आईपीएस अधिकारी डॉ. विपिन टाडा को सहारनपुर का नया एसएसपी बनाया गया है। उन्हें गोरखपुर से यहां भेजा गया है। डॉ. विपिन टाडा अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहते हैं। रामपुर में नियुक्ति के दौरान साइकिल पर भ्रमण करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्वीट कर उनके कार्य की सराहना कर चुके हैं। वह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह के दामाद हैं।
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वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. विपिन टाडा मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के निवासी हैं। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। उन्होंने डॉक्टर बनने का अपना लक्ष्य पहले से ही निर्धारित कर रखा था। उन्होंने इंटर के बाद कोचिंग की। पहले प्रयास में 2002 में एमबीबीएस के लिए सेलेक्ट हो गए। राजस्थान के एक गांव में सरकारी अस्पताल में चिकित्साधिकारी बने। वहां आठ महीने तक रहे। तब उन्हें लगा कि डॉक्टर बनकर चंद मरीजों की सेवा की जा सकती है, लेकिन सिविल सेवा में रहकर बहुत से लोगों की सेवा का मौका मिलता है। उन्होंने इसी नजरिये से सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी। 2012 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए उनका सेलेक्शन हो गया था।
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आकाश तोमर को गत वर्ष 23 अक्तूबर को यहां का एसएसपी बनाया गया था। वो साढ़े आठ माह जनपद के कप्तान रहे। उनके कार्यकाल में कई बड़ी कार्रवाई भी पुलिस ने की है। इसके तहत खनन माफिया और पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और इस गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा कसा गया। एसएसपी के निर्देशन में पुलिस ने हाजी इकबाल एसोसिएट के खिलाफ कार्रवाई की। तमाम मामलों की जांच को एसआईटी गठित की। हाजी इकबाल उनके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली के अलावा उनके बेटों के खिलाफ गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीट खोलने आदि की कार्रवाई की। पुलिस प्रशासन ने हाजी इकबाल के नौकर नसीम के अलावा उनके बेटों जावेद, अफजाल, अलीशान को जेल भेजा। साथ ही उसकी 128 करोड़ की 174 बेनामी संपत्तियां जब्त की गई। इसके अलावा कई बदमाशों ने पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। जुमे की नमाज के बाद उपद्रव करने वालों से सख्ती से निपटा गया, लेकिन कुछ मामलों का खुलासा भी नहीं हुआ। इनमें प्रमुख कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव मोहनपुरा में सगे भाई पुन्नू व लीलू भगत हत्याकांड का पुलिस सात माह बाद भी खुलासा नहीं कर पाई, जबकि इस खुलासे के लिए तीन टीमों को लगाया गया था, लेकिन पुलिस कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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अपनी अलग कार्य शैली के लिए पहचाने जाते हैं डॉ. विपिन टाडा
सहारनपुर। आईपीएस अधिकारी डॉ. विपिन टाडा को सहारनपुर का नया एसएसपी बनाया गया है। उन्हें गोरखपुर से यहां भेजा गया है। डॉ. विपिन टाडा अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहते हैं। रामपुर में नियुक्ति के दौरान साइकिल पर भ्रमण करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्वीट कर उनके कार्य की सराहना कर चुके हैं। वह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह के दामाद हैं।
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वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. विपिन टाडा मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के निवासी हैं। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। उन्होंने डॉक्टर बनने का अपना लक्ष्य पहले से ही निर्धारित कर रखा था। उन्होंने इंटर के बाद कोचिंग की। पहले प्रयास में 2002 में एमबीबीएस के लिए सेलेक्ट हो गए। राजस्थान के एक गांव में सरकारी अस्पताल में चिकित्साधिकारी बने। वहां आठ महीने तक रहे। तब उन्हें लगा कि डॉक्टर बनकर चंद मरीजों की सेवा की जा सकती है, लेकिन सिविल सेवा में रहकर बहुत से लोगों की सेवा का मौका मिलता है। उन्होंने इसी नजरिये से सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी। 2012 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए उनका सेलेक्शन हो गया था।

डॉ विपिन टाडा एसएसपी सहारनपुर- फोटो : SAHARANPUR