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Saharanpur News: एआई बताएगा टीबी का खतरा
Sun, 28 Jun 2026 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:22 AM IST
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सहारनपुर। टीबी जैसी गंभीर बीमारी को खत्म करने के लिए अब तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। टीबी मुक्त भारत एप विकसित किया गया है, जो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित है। यह एप टीबी मरीजों की मदद और जानकारी को आसान करेगा। जिले में अब तक 400 से अधिक मरीज व स्वयंसेवक अपने मोबाइल में डाउनलोड कर चुके हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी दिशा में टीबी मुक्त भारत एप विकसित किया गया है। इसके अंदर खुशी चैटबॉट है, जो मरीज और उनके परिजन किसी भी समय परामर्श ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि चैटबॉट के माध्यम से रोग, उसके लक्षण एवं बचाव संबंधी जानकारी मिलेगी। डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में छह हजार से अधिक टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। इनके अलावा एमडीआर (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस) मरीज हैं, जो टीबी बीमारी के गंभीर माने जाते हैं। संवाद
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी दिशा में टीबी मुक्त भारत एप विकसित किया गया है। इसके अंदर खुशी चैटबॉट है, जो मरीज और उनके परिजन किसी भी समय परामर्श ले सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि चैटबॉट के माध्यम से रोग, उसके लक्षण एवं बचाव संबंधी जानकारी मिलेगी। डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में छह हजार से अधिक टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। इनके अलावा एमडीआर (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस) मरीज हैं, जो टीबी बीमारी के गंभीर माने जाते हैं। संवाद
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