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किसान हित में नहीं है आस्ट्रेलिया की कंपनी से दूध समझौता

Fri, 31 Dec 2021 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 11:39 PM IST
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Agreement with Australian company is not in the interest of farmers: Rakesh Tikait
सरसावा पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत - फोटो : SAHARANPUR
सरसावा/नागल(सहारनपुर)। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के दबाव में कृषि कानून तो वापस ले लिए हैं, लेकिन आस्ट्रेलिया की एक कंपनी के साथ दूध उत्पादन को लेकर समझौता करने जा रही है। यह समझौता भारतीय किसानों के हित में नहीं है। सरकार को चाहिए कि समझौता करने से पहले किसान संगठनों से वार्ता करे।
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शुक्रवार को राकेश टिकैत हरियाणा जाते समय अपराह्न करीब साढ़े 12 बजे अंबाला रोड पर यूनियन के सरसावा ब्लॉक उपाध्यक्ष बबलू प्रधान के रेस्टोरेंट पर रुके। जहां उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जो कृषि कानून वापस लिए हैं वे किसानों के सकारात्मक आंदोलन का नतीजा है, लेकिन केंद्र सरकार ऑस्ट्रेलिया की कंपनी के साथ दुग्ध उत्पादन को लेकर समझौता करने जा रही है जो किसान हित में नहीं है। समझौते से पहले सरकार ने आश्वासन दिया था कि वो किसानों से वार्ता करेगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। सरकार को चाहिए कि किसान संगठनों से वार्ता कर आम राय बनाए। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े लोगों द्वारा राजनीतिक पार्टी के गठन करने तथा चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि लोकतंत्र में सबको समान अधिकार है, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा न तो कोई पार्टी बना रहा है और न ही उसका चुनाव में उतरने का कोई इरादा है। संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक था और रहेगा।
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आगामी विधानसभा चुनाव में किसी राजनीतिक पार्टी के विरोध अथवा सहयोग पर राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपना भला बुरा खुद समझता है। उसे समझाने की आवश्यकता नहीं है। स्वयं किसी पार्टी से अथवा निर्दलीय चुनाव लड़ने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि वे चुनाव से बहुत दूर हैं और खुद तो क्या अपने परिवार तथा रिश्तेदारों को भी चुनाव न लड़ने की नसीहत देंगे। उन्होंने किसानों को संदेश दिया कि वे हल को खेत में और निगाह को दिल्ली की कलम पर रखें। क्योंकि दिल्ली की कलम किसान हित की बात जरूर करती है, लेकिन काम किसान अहित का करती है। गन्ना मूल्य भुगतान भी बकाया है जिसको लेकर सरकार के पेंच कसने अभी बाकी हैं।
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नागल में राकेश टिकैत ने भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. विनय कुमार के पिता चौधरी कृष्ण कुमार के निधन के बाद गांव आमकी दीपचंदपुर में उनके निवास पर पहुंच सांत्वना दी। उनके साथ चौ. अशोक कुमार, विकास शर्मा, अमित मुखिया, संजय चौधरी, प्रदीप ठाकुर, मेवाराम, अभिषेक चौधरी, जितेंद्र चौधरी, इमरान प्रधान, अकरम आदि रहे। यहां उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि देश में अब जनता आंदोलन की जरूरत है। भगवे के पीछे गुंडागर्दी का खेल हो रहा है। हालांकि देश का युवा जागरूक हो रहा है और भाजपा की सारी कारगुजारी समझ रहा है। भाजपा ज्यादातर विभागों को प्राइवेट सेक्टर में देने की तैयारी कर रही है जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी। भीमराव अंबेडकर के संविधान पर खतरा मंडरा रहा है।
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