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Saharanpur News: जिले की 12 पंचायतों में एडीओ पंचायत बनेंगे प्रशासक
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है, लेकिन ऐसी पंचायतें जहां पर प्रधान पद रिक्त है या समिति है। वहां पर एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया गया है। जिले में ऐसी 12 पंचायते हैं। इनका कार्यभार एडीओ पंचायत के कंधों पर होगा।
ग्राम पंचायतों में कार्यकाल समाप्त होने के बाद वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण के लिए ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। ऐसा पहली बार है कि शासन ने प्रधानों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि वह कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले पाएंगे। जिले में 12 पंचायतें ताल्हापुर, नादराना, चंदेना कोली, सरदाहेड़ी, सीकरी, डेहरा, बसेड़ा, महंगी, कल्लपुर गुर्जर, चकखीजर, अब्दुलापुर और मच्छरहेड़ी में कार्यरत प्रधान न होने पर प्रशासक एडीओ पंचायत को बनाया गया है।
जिले में 884 ग्राम पंचायत हैं। इन पंचायतों में वार्डों की संख्या 11,210 है। 27 मई से निर्वतमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में तैनात है। उनके अधिकार सीमित है। वह केवल दैनिक कार्यों का संचालन कर सकते हैं। कोई भी नीतिगत निर्णय लेने या नया विकास कार्य शुरू करने की अनुमित नहीं है। स्वीकृत या निर्माणाधीन कार्यों का सत्यापन कर भुगतान किया जा सकता है। नए कार्यों के लिए जिलाधिकारी की अनुमति लेनी होगी। इसका प्रस्ताव जिला पंचायतराज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के पास जाएगा। साथ ही नई योजनाओं को लागू करने से पहले भी मंजूरी जरूरी है। डीपीआरओ प्रदीप द्विवेदी ने बताया कि जहां पर ग्राम प्रधान नहीं है या समिति है। वहां पर एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जा रहा है। ऐसी 12 पंचायते हैं।
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सहारनपुर। कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है, लेकिन ऐसी पंचायतें जहां पर प्रधान पद रिक्त है या समिति है। वहां पर एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया गया है। जिले में ऐसी 12 पंचायते हैं। इनका कार्यभार एडीओ पंचायत के कंधों पर होगा।
ग्राम पंचायतों में कार्यकाल समाप्त होने के बाद वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण के लिए ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। ऐसा पहली बार है कि शासन ने प्रधानों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि वह कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले पाएंगे। जिले में 12 पंचायतें ताल्हापुर, नादराना, चंदेना कोली, सरदाहेड़ी, सीकरी, डेहरा, बसेड़ा, महंगी, कल्लपुर गुर्जर, चकखीजर, अब्दुलापुर और मच्छरहेड़ी में कार्यरत प्रधान न होने पर प्रशासक एडीओ पंचायत को बनाया गया है।
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जिले में 884 ग्राम पंचायत हैं। इन पंचायतों में वार्डों की संख्या 11,210 है। 27 मई से निर्वतमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में तैनात है। उनके अधिकार सीमित है। वह केवल दैनिक कार्यों का संचालन कर सकते हैं। कोई भी नीतिगत निर्णय लेने या नया विकास कार्य शुरू करने की अनुमित नहीं है। स्वीकृत या निर्माणाधीन कार्यों का सत्यापन कर भुगतान किया जा सकता है। नए कार्यों के लिए जिलाधिकारी की अनुमति लेनी होगी। इसका प्रस्ताव जिला पंचायतराज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के पास जाएगा। साथ ही नई योजनाओं को लागू करने से पहले भी मंजूरी जरूरी है। डीपीआरओ प्रदीप द्विवेदी ने बताया कि जहां पर ग्राम प्रधान नहीं है या समिति है। वहां पर एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जा रहा है। ऐसी 12 पंचायते हैं।
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