{"_id":"5f7caf4f8ebc3e5bc527d679","slug":"admission-process-in-college-postponed-candidate-disappointed-saharanpur-news-mrt5046954115","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया टली, अभ्यर्थी मायूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया टली, अभ्यर्थी मायूस
विज्ञापन
महाविद्यालयों ने की हुई थी मंगलवार से दाखिले करने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा मेरिट निरस्त करने के कारण मंगलवार को महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष के दाखिले नहीं हो सके। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम वर्ष के दाखिलों के लिए सोमवार को ही मेरिट जारी की । जनपद के सभी महाविद्यालयों ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी मेरिट को अपने नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दाखिलों की तैयारी शुरू कर दी थी। मुन्ना लाल कॉलेज में तो बीए प्रथम वर्ष में पांच दाखिले भी कर लिए, मगर मंगलवार को दाखिले रोक दिए। प्राचार्य डॉ. अमिता अग्रवाल ने बताया विश्वविद्यालय दोबारा मेरिट जारी करेगा। दाखिला पा चुकी छात्राएं यदि नई मेरिट में आएंगी तो उनका दाखिला रहेगा अन्यथा दाखिला रद कर दिया जाएगा। मंगलवार को दाखिले के लिए पहुंची छात्राओं को बैरंग लौटना पड़ा। महाराज सिंह कॉलेज में मंगलवार से दाखिले की तैयारी थी। सोमवार को स्टाफ और कर्मचारी कॉलेज पहुंचे, मगर मेरिट निरस्त होने की जानकारी के बाद कॉलेज ने गेट के बाहर नोटिस चस्पा किया, जिस पर मेरिट निरस्त होने की बात लिखी। ऐसी स्थिति में दाखिले के लिए पूरी तैयारी के साथ पहुंचे अभ्यर्थियों को बाहर से ही लौटा दिया।
उधर, जेवी जैन कॉलेज में भी यही स्थिति रही। दाखिले के लिए बनाए काउंटर खाली रहे। अभ्यर्थियों को गेट से ही लौटा दिया। प्राचार्य डॉ. वकुल बंसल ने बताया दाखिले की प्रक्रिया दो दिन के लिए टाली गई है। नई मेरिट जारी होने के बाद दाखिले होंगे।
विज्ञापन
हजारों अभ्यर्थी प्रभावित
मेरिट निरस्त होने से स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए तैयार बैठे पांच हजार से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। जनपद में सात राजकीय महाविद्यालय और पांच सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालय हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी महाविद्यालयों की संख्या करीब 28 है। राजकीय महाविद्यालयों में बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम वर्ष की कुल 1440 सीटें हैं। सहायता प्राप्त कॉलेजों 3980 सीट हैं। इस प्रकार राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों में कुल 5420 सीट हैं। निजी कॉलेजों की सीटें इससे अलग हैं। इस प्रकार मेरिट निरस्त होने से हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा मेरिट निरस्त करने के कारण मंगलवार को महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष के दाखिले नहीं हो सके। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम वर्ष के दाखिलों के लिए सोमवार को ही मेरिट जारी की । जनपद के सभी महाविद्यालयों ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी मेरिट को अपने नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दाखिलों की तैयारी शुरू कर दी थी। मुन्ना लाल कॉलेज में तो बीए प्रथम वर्ष में पांच दाखिले भी कर लिए, मगर मंगलवार को दाखिले रोक दिए। प्राचार्य डॉ. अमिता अग्रवाल ने बताया विश्वविद्यालय दोबारा मेरिट जारी करेगा। दाखिला पा चुकी छात्राएं यदि नई मेरिट में आएंगी तो उनका दाखिला रहेगा अन्यथा दाखिला रद कर दिया जाएगा। मंगलवार को दाखिले के लिए पहुंची छात्राओं को बैरंग लौटना पड़ा। महाराज सिंह कॉलेज में मंगलवार से दाखिले की तैयारी थी। सोमवार को स्टाफ और कर्मचारी कॉलेज पहुंचे, मगर मेरिट निरस्त होने की जानकारी के बाद कॉलेज ने गेट के बाहर नोटिस चस्पा किया, जिस पर मेरिट निरस्त होने की बात लिखी। ऐसी स्थिति में दाखिले के लिए पूरी तैयारी के साथ पहुंचे अभ्यर्थियों को बाहर से ही लौटा दिया।
विज्ञापन
उधर, जेवी जैन कॉलेज में भी यही स्थिति रही। दाखिले के लिए बनाए काउंटर खाली रहे। अभ्यर्थियों को गेट से ही लौटा दिया। प्राचार्य डॉ. वकुल बंसल ने बताया दाखिले की प्रक्रिया दो दिन के लिए टाली गई है। नई मेरिट जारी होने के बाद दाखिले होंगे।
विज्ञापन
हजारों अभ्यर्थी प्रभावित
मेरिट निरस्त होने से स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए तैयार बैठे पांच हजार से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। जनपद में सात राजकीय महाविद्यालय और पांच सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालय हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी महाविद्यालयों की संख्या करीब 28 है। राजकीय महाविद्यालयों में बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम वर्ष की कुल 1440 सीटें हैं। सहायता प्राप्त कॉलेजों 3980 सीट हैं। इस प्रकार राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों में कुल 5420 सीट हैं। निजी कॉलेजों की सीटें इससे अलग हैं। इस प्रकार मेरिट निरस्त होने से हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।