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शिक्षकों और छात्रों के संबंध आत्मीय बनाने को होंगी गतिविधियां
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सहारनपुर। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंध को आत्मीय बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है। संबंधों को आत्मीय बनाने के पीछे सरकार की मंशा यह है कि छात्र शिक्षकों को नियंत्रक कम और अपना हितैषी अधिक समझकर उनकी बातों और सीख का अनुसरण करते हुए अपने जीवन को बेहतर बनाएं। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) के आदेश के बाद विभागीय स्तर पर गतिविधियां शुरू करा दी गई हैं।
निदेशालय का मानना है कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब शिक्षकों और उनके बीच संबंध आत्मीय और मधुर होंगे। विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता, चपलता, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक व्यवहार आदि को भी आयु अनुरूप विकसित करने के लिए शिक्षक-छात्र आत्मीय संबंध अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए विद्यालयों में अनेक तरह की गतिविधियां कराई जाएंगी। शिक्षक केवल विद्यालयों तक सीमित ना रहकर। विद्यालयों से अलग विद्यार्थियों के घरों तक पकड़ बनाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को समझ आए कि शिक्षक कोई बाहर का व्यक्ति नहीं है, बल्कि परिवार का ही हिस्सा है।
माना जा रहा है कि इससे विद्यार्थियों में शिक्षक के प्रति सम्मान और लगाव बढ़ेगा। विद्यार्थी खुलकर शिक्षक से अपनी बात कह सकें और अपनी जिज्ञासा के अनुरूप सवाल कर सकें। इसके लिए विद्यार्थियों के मन से झिझक दूर करने के लिए विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई के साथ साथ खेल गतिविधियां भी कराई जाएंगी, साथ ही शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से विद्यार्थियों की शिक्षण के साथ ही व्यक्तिगत समस्याओं को समझकर उनका भी हल करना होगा और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल विद्यालय में देना होगा।
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यह भी गतिविधियां होंगी
-सीखने की प्रक्रिया को सुगम, सहज और आनंददायक बनाना।
-कक्षाई प्रक्रियाओं को बेहतर एवं संवादात्मक बनाना।
-विषय-वस्तु आधारित सही और स्पष्ट अवधारणात्मक समझ का विकास।
-आस-पास के वातावरण में बिखरे उदाहरणों के माध्यम से सीखने पर बल देना।
-तारिककता के साथ अपने रोजमर्रा के जीवन में प्रयोग करना।
-रचनात्मकता, तार्किक सोच एवं निर्णय लेने की क्षमताओं की दक्षता को बढ़ावा देना।
-बहुआयामी खेल, खोज एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना ।
-शिक्षण को नवीन और अनुभवात्मक विधियों के माध्यम से समृद्ध करना।
-शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संबंध बनाने के लिए साप्ताहिक अभियान शुरू किया गया है। इसका मकसद विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। शासन से मिले आदेश के अनुपालन में कदम उठाए जा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देशित किया गया है।
अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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निदेशालय का मानना है कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब शिक्षकों और उनके बीच संबंध आत्मीय और मधुर होंगे। विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता, चपलता, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक व्यवहार आदि को भी आयु अनुरूप विकसित करने के लिए शिक्षक-छात्र आत्मीय संबंध अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए विद्यालयों में अनेक तरह की गतिविधियां कराई जाएंगी। शिक्षक केवल विद्यालयों तक सीमित ना रहकर। विद्यालयों से अलग विद्यार्थियों के घरों तक पकड़ बनाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को समझ आए कि शिक्षक कोई बाहर का व्यक्ति नहीं है, बल्कि परिवार का ही हिस्सा है।
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माना जा रहा है कि इससे विद्यार्थियों में शिक्षक के प्रति सम्मान और लगाव बढ़ेगा। विद्यार्थी खुलकर शिक्षक से अपनी बात कह सकें और अपनी जिज्ञासा के अनुरूप सवाल कर सकें। इसके लिए विद्यार्थियों के मन से झिझक दूर करने के लिए विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई के साथ साथ खेल गतिविधियां भी कराई जाएंगी, साथ ही शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से विद्यार्थियों की शिक्षण के साथ ही व्यक्तिगत समस्याओं को समझकर उनका भी हल करना होगा और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल विद्यालय में देना होगा।
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यह भी गतिविधियां होंगी
-सीखने की प्रक्रिया को सुगम, सहज और आनंददायक बनाना।
-कक्षाई प्रक्रियाओं को बेहतर एवं संवादात्मक बनाना।
-विषय-वस्तु आधारित सही और स्पष्ट अवधारणात्मक समझ का विकास।
-आस-पास के वातावरण में बिखरे उदाहरणों के माध्यम से सीखने पर बल देना।
-तारिककता के साथ अपने रोजमर्रा के जीवन में प्रयोग करना।
-रचनात्मकता, तार्किक सोच एवं निर्णय लेने की क्षमताओं की दक्षता को बढ़ावा देना।
-बहुआयामी खेल, खोज एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना ।
-शिक्षण को नवीन और अनुभवात्मक विधियों के माध्यम से समृद्ध करना।
-शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संबंध बनाने के लिए साप्ताहिक अभियान शुरू किया गया है। इसका मकसद विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। शासन से मिले आदेश के अनुपालन में कदम उठाए जा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देशित किया गया है।
अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।