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Saharanpur News: सहारा देने के लिए बनी योजना, खुद सहारे के भरोसे
Sat, 31 Oct 2026 01:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:29 AM IST
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सहारनपुर। दिव्यांगजन छात्राओं को कॉलेज और अन्य स्थानों पर आने-जाने में सहारा मिल सके। इसके लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा पात्र छात्राओं को ई-ट्राइसाइकिल देने की योजना है, लेकिन सहारा देने के लिए जो योजना शुरू की गई है, उसे स्वयं ही सहारे की जरूरत है। कारण है अभी तक विभाग को मात्र 20 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।
शासन ने दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के जरिये वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-ट्राइसाइकिल योजना शुरू की है। योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की दिव्यांग छात्राओं को 65 हजार रुपये तक की स्मार्ट बैटरी से संचालित ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्राओं को विद्यालय, महाविद्यालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और छात्रावास तक आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इसके लिए हर विधानसभा में से 20 पात्र छात्राओं को यह निशुल्क ई-ट्राइसाइकिल दी जाएगी। जिले में सात विधानसभा हैं। ऐसे में जिले का लक्ष्य का 140 ट्राइसाइकिल वितरित करने का है। अभी तक योजना में विभाग को 20 ही आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब विभाग ने स्कूल, कॉलेजों में प्रचार-प्रसार की योजना बनाई है।
यह है पात्रता की शर्तें
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी एवं हीमोफीलिया सहित अन्य दिव्यांगता से प्रभावित छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। आवेदन के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी से जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यूडीआईडी कार्ड तथा संबंधित शिक्षण संस्थान का अध्ययनरत प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले और आयकर दाता की श्रेणी में न आने वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।
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जिले की हर विधानसभा में 20-20 ई-ट्राइसाइकिल दिए जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अभी तक 20 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। पात्र छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए कॉलेजों से भी संपर्क किया जा रहा है। - अजय कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी।
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शासन ने दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के जरिये वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-ट्राइसाइकिल योजना शुरू की है। योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की दिव्यांग छात्राओं को 65 हजार रुपये तक की स्मार्ट बैटरी से संचालित ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्राओं को विद्यालय, महाविद्यालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और छात्रावास तक आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इसके लिए हर विधानसभा में से 20 पात्र छात्राओं को यह निशुल्क ई-ट्राइसाइकिल दी जाएगी। जिले में सात विधानसभा हैं। ऐसे में जिले का लक्ष्य का 140 ट्राइसाइकिल वितरित करने का है। अभी तक योजना में विभाग को 20 ही आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब विभाग ने स्कूल, कॉलेजों में प्रचार-प्रसार की योजना बनाई है।
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यह है पात्रता की शर्तें
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी एवं हीमोफीलिया सहित अन्य दिव्यांगता से प्रभावित छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। आवेदन के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी से जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यूडीआईडी कार्ड तथा संबंधित शिक्षण संस्थान का अध्ययनरत प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले और आयकर दाता की श्रेणी में न आने वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।
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जिले की हर विधानसभा में 20-20 ई-ट्राइसाइकिल दिए जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अभी तक 20 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। पात्र छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए कॉलेजों से भी संपर्क किया जा रहा है। - अजय कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी।