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जरा सी लापरवाही जीवन पर पड़ जाती है भारी

Thu, 24 Feb 2022 11:50 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 11:50 PM IST
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A little carelessness takes a toll on life
अवनीश चौहान - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। हर वर्ष यातायात माह में पुलिस वाहन चालकों को यातायात नियमोें का पाठ पढ़ाती है। विभिन्न जागरूक अभियान चलाए जाते है जिसमें दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए भी प्रेरित किया जाता है, लेकिन वाहन चालक इन सबकी अनदेखी कर बिना हेलमेट फर्राटा भरते हैं। यही लापरवाही उनकी जान पर भारी पड़ रही है। हादसे के बाद जान खोने वालों के परिजन भी मानते हैं कि काश उनके परिवार के सदस्य ने हेलमेट लगाया होता तो जान बच जाती। कपड़े की दुकान चलाने वाले दो सगे भाइयों अवनीश और वतन सहित तीन लोगों की मौत सड़क हादसे में सिर में चोट लगने की वजह से हुई थी। इनके पिता जगदेव मानते हैं कि यदि उन्होंने हेलमेट लगाया होता तो जान बच सकती थी। वह लोगों से अपील करते हैं नियमों का सदैव पालन करें। ताकि भविष्य में कोई सड़क हादसे में अपनों को न खोए।
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परिवार नहीं भूला बारिश और तूफान की वह रात
बेहट। 17 जुलाई 2019 की रात करीब नौ बजे शाकंभरी देवी रोड पर हुए भीषण हादसे को अलीपुरा नौगांवा के जगदेव चौहान और उनका परिवार आज तक नहीं भूले। इस हादसे में जगदेव के जवान बेटे अवनीश चौहान (28) व वतन चौहान (25) सहित तीन युवकों की मौत हो गई थी। उस रात बारिश और तूफान आया था। शाकंभरी देवी रोड पर गांव चुहड़पुर कलां के पास सड़क पर पेड़ टूटकर गिरा था। अवनीश और वतन अपने साथी विनय के साथ बाइक पर बेहट से दुकान बंद कर गांव लौट रहे थे। बाइक चला रहे वतन को सड़क पर पेड़ गिरा हुआ दिखाई नहीं दिया और बाइक पेड़ से टकरा गई। वतन का सिर पेड़ से टकराया और अवनीश व विनय के सिर में भी चोट लगी थी। तीनों की मौत सिर की चोट से हुई। पिता जगदेव कहते हैं कि काश उस रात तीनों ने हेलमेट पहना होता तो उनकी जान बच जाती। जगदेव चौहान का कहना है कि सड़क पर वाहन चलाते हुए सावधानी और यातायात नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि अपनी जिंदगी भी बची रहे और दूसरे की जान भी हमारी वजह से जान न जाए। वह कहते हैं कि किसी भी परिवार को अपनों को खोने का असहनीय दु:ख न सहना पड़े।
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शादी के आठ दिन बाद ही छिन गया था सुहाग
हादसे में मौत का शिकार हुए अवनीश की आठ दिन पहले ही शादी हुई थी। अभी पत्नी के हाथों की मेंहदी भी नहीं सूखी थी और हादसे ने उसका सुहाग छीन लिया। पति की मौत के बाद वह हमेशा के लिए अपने मायके चली गई थी। अब घर में जगदेव, उसकी पत्नी सुमन व छोटा बेटा आकाश है।

वतन चौहान

वतन चौहान- फोटो : SAHARANPUR

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