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छठ पूजा के लिए हरियाणा से मांगा जाएगा पानी
Saharanpur
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
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सहारनपुर। छठ पूजा की तैयारियों में जुटे पूर्वांचल के लोग शहर में मानकमऊ स्थित बड़ी नहर के सूखी पड़ी होने से चिंतित हैं। नहर में दूर दूर तक पानी नजर नहीं आ रहा। दरअसल, सिंचाई विभाग के पास छठ पूजा के लिए पर्याप्त पानी ही नहीं है। स्नान का विधान पूरा करवाने के लिए विभाग को अब हरियाणा के आगे हाथ फैलाने होंगे। छठ पूजा के लिए पड़ोसी राज्य के यमुनानगर जिले के हथनी कुंड बैराज से पानी मंगवाकर यह विधान पूरा करवाया जाएगा।
नहर में हर साल छठ पूजा कर सैकड़ों पूर्वांचल प्रवासी विशेष स्नान करते हैं। नहर के हालात देखकर वे चिंतित हैं। श्रद्धालुओं को आशंका है कि कहीं पानी छोड़ने में देर न हो जाए और छोड़े गए पानी की मात्रा इतनी कम भी न हो कि स्नान का विधान ही पूरा न किया जा सके। विशेष स्नान में महज तीन दिन बचे हैं। 29 अक्तूबर की शाम और 30 अक्तूबर की सुबह को विशेष स्नान का विधान संपन्न होगा।
पूर्वांचल महासभा से जुड़े रतन यादव, राम प्रकाश सिंह, पवन कुमार सिंह आदि का कहना है कि स्नान के विधान के अनुसार पानी का स्तर इतना जरूर होना चाहिए कि कम से कम शरीर का आधा हिस्सा डूब जाए। इसलिए अफसरों से पर्याप्त पानी छुड़ाने की मांग की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एमएस कसाना मानते हैं कि इस समय पानी का संकट है। बरसात भी नहीं हो रही है। इसलिए हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से कम से कम 250 क्यूसेक पानी मांगा जाएगा। यह पानी 27 या 28 अक्तूबर तक छोड़े जाने की संभावना है। तब तक घाट और आसपास की सफाई करवाई जा रही है।
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नहर में हर साल छठ पूजा कर सैकड़ों पूर्वांचल प्रवासी विशेष स्नान करते हैं। नहर के हालात देखकर वे चिंतित हैं। श्रद्धालुओं को आशंका है कि कहीं पानी छोड़ने में देर न हो जाए और छोड़े गए पानी की मात्रा इतनी कम भी न हो कि स्नान का विधान ही पूरा न किया जा सके। विशेष स्नान में महज तीन दिन बचे हैं। 29 अक्तूबर की शाम और 30 अक्तूबर की सुबह को विशेष स्नान का विधान संपन्न होगा।
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पूर्वांचल महासभा से जुड़े रतन यादव, राम प्रकाश सिंह, पवन कुमार सिंह आदि का कहना है कि स्नान के विधान के अनुसार पानी का स्तर इतना जरूर होना चाहिए कि कम से कम शरीर का आधा हिस्सा डूब जाए। इसलिए अफसरों से पर्याप्त पानी छुड़ाने की मांग की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एमएस कसाना मानते हैं कि इस समय पानी का संकट है। बरसात भी नहीं हो रही है। इसलिए हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से कम से कम 250 क्यूसेक पानी मांगा जाएगा। यह पानी 27 या 28 अक्तूबर तक छोड़े जाने की संभावना है। तब तक घाट और आसपास की सफाई करवाई जा रही है।
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