{"_id":"50-51375","slug":"Saharanpur-51375-50","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोरलेन का सपना, अब होगा अपना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोरलेन का सपना, अब होगा अपना
Saharanpur
Updated Wed, 20 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए विधानसभा में पेश हुए बजट में सहारनपुर को दो बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिली है। वर्षों से बदहाल पड़ी मुजफ्फरनगर-सहारनपुर वाया देवबंद सड़क को फोरलेन किए जाने की घोषणा की गई है। इसके अलावा दिल्ली-यमुनोत्री रोड को भी बजट में शामिल किया गया है। विधानसभा में पेश इस बजट ने सड़कों से परेशान सहारनपुर की जनता को थोड़ी राहत दी है। मगर, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उम्मीद लगाए बैठे सहारनपुर के हाथ खाली रह गए।
दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन को लेकर अब तक आ रहे तमाम अवरोधों के बीच जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के लिए 220 करोड़ रुपये तो पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं। अब बजट में फोरलेन के लिए और बजट के लिए हरी झंडी मिलने से यह प्रोजेक्ट अब अधिक तेजी से पूरा होने की उम्मीद है। सहारनपुर से वाया देवबंद मुजफ्फरनगर मार्ग भी पिछले कई साल से बदहाली का शिकार रहा है। इसे फोरलेन में बदलने की रफ्तार बढ़ी तो यहां की तस्वीर भी अलग ही नजर आएगी।
शहर के उद्यमी अशोक गांधी और शिव कुमार गौड़ कहते हैं कि फोरलेन बनने के बाद कई कंपनियां अपने ब्रांडेड प्रतिष्ठानों को खोलने को आगे आएंगी। सहारनपुर से दिल्ली जाने को ट्रेनों और बसों को जूझ रहे उद्यमियों, कारोबारियों और अन्य लोगों को बड़ा सुकून मिलेगा। दिल्ली का रास्ता छह घंटे की बजाय साढ़े तीन से चार घंटे का रह जाएगा। लेकिन बजट के बावजूद इनसे जुड़ी अन्य अड़चनें दूर होना भी जरूरी हैं।
विज्ञापन
शासन स्तर पर सहारनपुर में यूनिवर्सिटी स्थापित करने के प्रयासों पर सहमति के बावजूद इस बारे में बजट में न तो कोई व्यवस्था की गई और न ही इसका कोई जिक्र। इसके अलावा करीब 380 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे मेडिकल कालेज के लिए जरूरी करीब 120 करोड़ रुपये की जरूरत पूरी करने का भी कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाने वाले एमएस कालेज के प्राचार्य डा. केके शर्मा ने कहा कि विवि की अब सख्त जरूरत है। इस पर तेजी से काम होना चाहिए।
विज्ञापन
दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन को लेकर अब तक आ रहे तमाम अवरोधों के बीच जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के लिए 220 करोड़ रुपये तो पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं। अब बजट में फोरलेन के लिए और बजट के लिए हरी झंडी मिलने से यह प्रोजेक्ट अब अधिक तेजी से पूरा होने की उम्मीद है। सहारनपुर से वाया देवबंद मुजफ्फरनगर मार्ग भी पिछले कई साल से बदहाली का शिकार रहा है। इसे फोरलेन में बदलने की रफ्तार बढ़ी तो यहां की तस्वीर भी अलग ही नजर आएगी।
विज्ञापन
शहर के उद्यमी अशोक गांधी और शिव कुमार गौड़ कहते हैं कि फोरलेन बनने के बाद कई कंपनियां अपने ब्रांडेड प्रतिष्ठानों को खोलने को आगे आएंगी। सहारनपुर से दिल्ली जाने को ट्रेनों और बसों को जूझ रहे उद्यमियों, कारोबारियों और अन्य लोगों को बड़ा सुकून मिलेगा। दिल्ली का रास्ता छह घंटे की बजाय साढ़े तीन से चार घंटे का रह जाएगा। लेकिन बजट के बावजूद इनसे जुड़ी अन्य अड़चनें दूर होना भी जरूरी हैं।
विज्ञापन
शासन स्तर पर सहारनपुर में यूनिवर्सिटी स्थापित करने के प्रयासों पर सहमति के बावजूद इस बारे में बजट में न तो कोई व्यवस्था की गई और न ही इसका कोई जिक्र। इसके अलावा करीब 380 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे मेडिकल कालेज के लिए जरूरी करीब 120 करोड़ रुपये की जरूरत पूरी करने का भी कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाने वाले एमएस कालेज के प्राचार्य डा. केके शर्मा ने कहा कि विवि की अब सख्त जरूरत है। इस पर तेजी से काम होना चाहिए।