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ईपीएफ खाते से 1.20 लाख गायब
Saharanpur
Updated Mon, 11 Feb 2013 05:30 AM IST
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सहारनपुर। एक कंपनी में कार्यरत कर्मचारी के भविष्य निधि खाते से धोखाधड़ी कर एक लाख 20 हजार रुपये की रकम गायब कर दी गई। जांच के दौरान रकम दो किश्तों के रूप में डाकघर के खातों में स्थानांतरित किए जाने का पता चला है। पीड़ित ने अपनी कंपनी और डाक घर कर्मचारियों पर संदेह जताते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। घटना की तहरीर पुलिस को दी गई है।
केशव नगर नुमाइश कैंप निवासी सुरेंद्र सिंह ने सदर थाने में दी तहरीर में बताया कि वह युसूफपुर टपरी स्थित कंपनी में कार्यरत है। 1955 से कर्मचारी भविष्य निधि योजना में उसका खाता है। नवंबर 2011 को रसीद प्राप्त होने पर उसे खाते में कम धन जमा होने की जानकारी मिली। इस पर मेरठ कार्यालय से संपर्क किया गया। वहां से पता चला कि खाते से कुल एक लाख बीस हजार रुपये की निकासी की गई है। दो किश्तों में 70 तथा 50 हजार रुपये निकाले गए हैं। सुरेंद्र का कहना है कि राशि निकालने के लिए उसने कभी आवेदन नहीं किया। उसके अनुसार उप डाकघर स्टार पेपर मिल कंपाउंड स्थित बचत खाते में रकम स्थानांतरित की गई है। उसके नाम से फर्जी पहचान पत्र के जरिए खाता खोला गया है। खातेधारक के रुप में जो फोटो लगाया गया था, वो कंपनी के एक कर्मचारी का था। जो कंपनी में भविष्य निधि का कार्य देखता है। आरोप है कि कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की जानकारी होने पर भी मिलीभगत कर फर्जी आवेदन पत्रों को सत्यापित किया। इस पूरे मामले में कंपनी के उक्त अधिकारी और डाकघर के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत रही है। उसने सदर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व में भी इस कंपनी में कर्मचारी सुधाकर पांडेय के भविष्य निधि खाते से एक लाख 25 हजार रुपये का गबन हो चुका है।
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केशव नगर नुमाइश कैंप निवासी सुरेंद्र सिंह ने सदर थाने में दी तहरीर में बताया कि वह युसूफपुर टपरी स्थित कंपनी में कार्यरत है। 1955 से कर्मचारी भविष्य निधि योजना में उसका खाता है। नवंबर 2011 को रसीद प्राप्त होने पर उसे खाते में कम धन जमा होने की जानकारी मिली। इस पर मेरठ कार्यालय से संपर्क किया गया। वहां से पता चला कि खाते से कुल एक लाख बीस हजार रुपये की निकासी की गई है। दो किश्तों में 70 तथा 50 हजार रुपये निकाले गए हैं। सुरेंद्र का कहना है कि राशि निकालने के लिए उसने कभी आवेदन नहीं किया। उसके अनुसार उप डाकघर स्टार पेपर मिल कंपाउंड स्थित बचत खाते में रकम स्थानांतरित की गई है। उसके नाम से फर्जी पहचान पत्र के जरिए खाता खोला गया है। खातेधारक के रुप में जो फोटो लगाया गया था, वो कंपनी के एक कर्मचारी का था। जो कंपनी में भविष्य निधि का कार्य देखता है। आरोप है कि कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की जानकारी होने पर भी मिलीभगत कर फर्जी आवेदन पत्रों को सत्यापित किया। इस पूरे मामले में कंपनी के उक्त अधिकारी और डाकघर के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत रही है। उसने सदर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व में भी इस कंपनी में कर्मचारी सुधाकर पांडेय के भविष्य निधि खाते से एक लाख 25 हजार रुपये का गबन हो चुका है।
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