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गंदेवड़ा के ग्रामीणों ने की चुनाव बहिष्कार की घोषणा
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। गांव में विकास कार्य नहीं होने तथा जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से आहत गंदेवड़ा के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है। ग्रामीणों ने बैठक कर एलान किया कि वे इस लोकसभा चुनाव में किसी भी दल को वोट नहीं देंगे।
बृहस्पतिवार की रात पुंवारका विकासखंड के गांव गंदेवड़ा में इकट्ठा हुए 100 से भी ज्यादा ग्रामीणों ने बैठक कर चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया। बैठक में मौजूद रईस अहमद, नौशाद अहमद, मो. अकरम, साजिद अली, मो. मुर्सलीन का कहना था कि चुनाव के वक्त गांव में हर पार्टी का नेता आता है और वादे करके चला जाता है। चुनाव के बाद अगले चुनाव तक वे गांव की सुध नहीं लेते हैं। अफजल, मो. आमिर, जीशान, मो. मोईन, अनस और नौशाद ने कहा कि उनके गांव में तीन रास्ते आते हैं और सभी खस्ताहाल पड़े हैं। शहजाद, अमजद, सुहैल, दिलशाद, शाकिर, यूसुफ, आकिब, वहाब, अब्दुल खालिक का कहना था कि प्रधान ने भी तीन साल के कार्यकाल में कुछ नहीं कराया है। वसीम, साजिद, आकिल, अमजद, कादिर, अरशद अली आदि का कहना था कि गांव में सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है। इसके चलते गांव में संक्रामक रोग पैर पसार रहे हैं। वे विकास खंड कार्यालय से लेकर तहसील और जिला मुख्यालयों पर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बैठक में तय किया गया कि इस लोकसभा चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीण किसी भी दल को वोट देने के लिए घरों से ही नहीं निकलेंगे। बैठक में तनवीर अहमद, शाहिद, मो. मोहसिन, सुहैल अहमद, आरिफ आदि ने भी विचार रखे।
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बृहस्पतिवार की रात पुंवारका विकासखंड के गांव गंदेवड़ा में इकट्ठा हुए 100 से भी ज्यादा ग्रामीणों ने बैठक कर चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया। बैठक में मौजूद रईस अहमद, नौशाद अहमद, मो. अकरम, साजिद अली, मो. मुर्सलीन का कहना था कि चुनाव के वक्त गांव में हर पार्टी का नेता आता है और वादे करके चला जाता है। चुनाव के बाद अगले चुनाव तक वे गांव की सुध नहीं लेते हैं। अफजल, मो. आमिर, जीशान, मो. मोईन, अनस और नौशाद ने कहा कि उनके गांव में तीन रास्ते आते हैं और सभी खस्ताहाल पड़े हैं। शहजाद, अमजद, सुहैल, दिलशाद, शाकिर, यूसुफ, आकिब, वहाब, अब्दुल खालिक का कहना था कि प्रधान ने भी तीन साल के कार्यकाल में कुछ नहीं कराया है। वसीम, साजिद, आकिल, अमजद, कादिर, अरशद अली आदि का कहना था कि गांव में सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है। इसके चलते गांव में संक्रामक रोग पैर पसार रहे हैं। वे विकास खंड कार्यालय से लेकर तहसील और जिला मुख्यालयों पर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बैठक में तय किया गया कि इस लोकसभा चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीण किसी भी दल को वोट देने के लिए घरों से ही नहीं निकलेंगे। बैठक में तनवीर अहमद, शाहिद, मो. मोहसिन, सुहैल अहमद, आरिफ आदि ने भी विचार रखे।
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