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राज्यमंत्री बनवाने के नाम पर ठगी करने वाले को चार साल का कारावास
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:36 AM IST
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सहारनपुर। सरकार में राज्यमंत्री बनवाने के नाम पर सपा नेता से ठगी करने के मामले में कोर्ट ने बलिया निवासी एक व्यक्ति को चार साल का कारावास एवं दस लाख 11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
नुमाइश कैंप क्षेत्र के मोहल्ला राधा विहार निवासी समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अवतार सिंह मिगलानी ने 15 फरवरी 2015 को नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। उसमें बताया कि दिसंबर 2014 में वह पार्टी के कार्य से लखनऊ गया था तो वहां सपा मुख्यालय पर बलिया निवासी मनोज कुमार यादव नाम का व्यक्ति मिला। उसने अपने आपको मुलायम सिंह यादव का रिश्तेदार बताया। अवतार सिंह जब सहारनपुर आ गया तो मनोज कुमार का उसके दोस्त विक्रम के पास फोन आया कि अवतार सिंह पांच करोड़ रुपये दे तो वह अवतार सिंह को राज्यमंत्री बनवा देगा।
अवतार सिंह ने मनोज कुमार की बातों पर विश्वास कर लिया और 10 लाख रुपये लेकर लखनऊ पहुंच गए। अवतार सिंह ने 10 लाख रुपये मनोज कुमार को दे दिए। लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि मनोज कुमार न तो यादव जाति से है और न ही मुलायम सिंह यादव का रिश्तेदार है। बल्कि जालसाज आदमी है। 15 फरवरी 2015 को मनोज कुमार ने फोन किया कि वह सहारनपुर स्थित होटल में ठहरा हुआ है, वह 50 लाख रुपये लेकर होटल आ जाए। अवतार सिंह अपने साथियों के साथ होटल में पहुंचा और मनोज कुमार को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
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अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मनोज कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर दीनानाथ की कोर्ट में चली। मामले की सुनवाई के बाद गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर दीनानाथ ने मनोज कुमार सिंह को चार साल का कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने मनोज कुमार पर दस लाख 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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नुमाइश कैंप क्षेत्र के मोहल्ला राधा विहार निवासी समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अवतार सिंह मिगलानी ने 15 फरवरी 2015 को नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। उसमें बताया कि दिसंबर 2014 में वह पार्टी के कार्य से लखनऊ गया था तो वहां सपा मुख्यालय पर बलिया निवासी मनोज कुमार यादव नाम का व्यक्ति मिला। उसने अपने आपको मुलायम सिंह यादव का रिश्तेदार बताया। अवतार सिंह जब सहारनपुर आ गया तो मनोज कुमार का उसके दोस्त विक्रम के पास फोन आया कि अवतार सिंह पांच करोड़ रुपये दे तो वह अवतार सिंह को राज्यमंत्री बनवा देगा।
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अवतार सिंह ने मनोज कुमार की बातों पर विश्वास कर लिया और 10 लाख रुपये लेकर लखनऊ पहुंच गए। अवतार सिंह ने 10 लाख रुपये मनोज कुमार को दे दिए। लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि मनोज कुमार न तो यादव जाति से है और न ही मुलायम सिंह यादव का रिश्तेदार है। बल्कि जालसाज आदमी है। 15 फरवरी 2015 को मनोज कुमार ने फोन किया कि वह सहारनपुर स्थित होटल में ठहरा हुआ है, वह 50 लाख रुपये लेकर होटल आ जाए। अवतार सिंह अपने साथियों के साथ होटल में पहुंचा और मनोज कुमार को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
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अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मनोज कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर दीनानाथ की कोर्ट में चली। मामले की सुनवाई के बाद गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर दीनानाथ ने मनोज कुमार सिंह को चार साल का कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने मनोज कुमार पर दस लाख 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।