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साहित्यकार डा. शमीम देवबंदी की कहानी जुगनी पुरस्कृत
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:49 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता में पुरस्कृत टॉप पांच कहानियों में हास्य व्यंग्य कवि व साहित्यकार डा. शमीम देवबंदी की कहानी जुगनी को शामिल किया गया है।
डा. शमीम देवबंदी की इस उपलब्धि पर नगर के साहित्यकारों, कलमकारों, कवियों, शायरों व बुद्धिजीवियों ने हर्ष व्यक्त किया है। इस अवसर पर साहित्य संगम संस्था की ओर से शमीम देवबंदी को सम्मानित किया गया। लाल मस्जिद पर कार्यक्रम में लेखक व विचारक कमल देवबंदी ने कहा कि डा. शमीम देवबंदी ने काव्य ही नहीं बल्कि गद्य, विशेष तौर पर कहानी के क्षेत्र में नाम रोशन किया है। उनकी कहानी जुगनी के पुरस्कृत होने से नगर का ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। वरिष्ठ समाजसेवी डा. एसए अजीज ने कहा कि डा. शमीम देवबंदी ने साहित्य जगत में नित नए आयाम पैदा किए हैं। उनका दृष्टिकोण हमेशा समाज सुधार का रहा है। उनकी रचनाओं में सामाजिक विसंगतियों पर किया गया कटाक्ष खूब व साफ झलकता है। उस्ताद शायर शमीम किरतपुरी ने कहा कि डॉ. शमीम देवबंदी ने साबित कर दिया कि वह अच्छे शायर होने के साथ एक अच्छे कथाकार भी हैं। डा. सादिक देवबंदी ने कहा कि जुगनी को पुरस्कार मिलना युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। इससे युवा साहित्यकारों का मनोबल बढ़ेगा। इनके अलावा मुमताज अहमद, नसीम कादरी, मलिक परवाना, नसीम आजाद, नौशाद अली, शुऐब कुरैशी, पुष्पेंदर कुमार, मनीष गुप्ता, हसीन अहमद, चांद देवबंदी, फहीम, तनवीर अहमद, मोहसिन, मुनीब अंसारी आदि मौजूद रहे।
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डा. शमीम देवबंदी की इस उपलब्धि पर नगर के साहित्यकारों, कलमकारों, कवियों, शायरों व बुद्धिजीवियों ने हर्ष व्यक्त किया है। इस अवसर पर साहित्य संगम संस्था की ओर से शमीम देवबंदी को सम्मानित किया गया। लाल मस्जिद पर कार्यक्रम में लेखक व विचारक कमल देवबंदी ने कहा कि डा. शमीम देवबंदी ने काव्य ही नहीं बल्कि गद्य, विशेष तौर पर कहानी के क्षेत्र में नाम रोशन किया है। उनकी कहानी जुगनी के पुरस्कृत होने से नगर का ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। वरिष्ठ समाजसेवी डा. एसए अजीज ने कहा कि डा. शमीम देवबंदी ने साहित्य जगत में नित नए आयाम पैदा किए हैं। उनका दृष्टिकोण हमेशा समाज सुधार का रहा है। उनकी रचनाओं में सामाजिक विसंगतियों पर किया गया कटाक्ष खूब व साफ झलकता है। उस्ताद शायर शमीम किरतपुरी ने कहा कि डॉ. शमीम देवबंदी ने साबित कर दिया कि वह अच्छे शायर होने के साथ एक अच्छे कथाकार भी हैं। डा. सादिक देवबंदी ने कहा कि जुगनी को पुरस्कार मिलना युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। इससे युवा साहित्यकारों का मनोबल बढ़ेगा। इनके अलावा मुमताज अहमद, नसीम कादरी, मलिक परवाना, नसीम आजाद, नौशाद अली, शुऐब कुरैशी, पुष्पेंदर कुमार, मनीष गुप्ता, हसीन अहमद, चांद देवबंदी, फहीम, तनवीर अहमद, मोहसिन, मुनीब अंसारी आदि मौजूद रहे।
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