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म्यांमार दूतावास बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:15 AM IST
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म्यांमार दूतावास बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
गंगोह (सहारनपुर)। म्यांमार में निहत्थे एवं निर्दोष रोहिंग्या मुसलमानों की बर्बरता पूर्ण हत्या एवं उत्पीड़न के विरोध में मुस्लिम समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति से भारत स्थित म्यांमार दूतावास को बंद करने की मांग की गई।
बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग एवं उलमा कुरैशियान चौक पर एकत्रित हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मेटाडोर स्टैंड पर पहुंचे। वहां पूर्व चेयरमैन काजी नोमान मसूद, हमजा मसूद, इरफान अलीम कुरैशी, मजाहिर राणा, सपा नेता असदुल्ला अजमेरी, मौलाना खुशुनूद, मुफ्ती खुशजमाल, मौलाना अब्दुल सत्तार, मुफ्ती आबिद आदि वक्ताओं ने म्यांमार सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए रोहिंग्या मुसलमानों पर किए जा रहे जुल्मों को तुरंत बंद करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि बर्मा की सेना द्वारा लाखों मासूम छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और निहत्थे नौजवानों एवं बुजुर्गों की बर्बरता पूर्वक हत्या की जा रही है। कई लाख लोग बेघर होकर आसमान के नीचे जिंदगी जीने को मजबूर है। प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम समाज में म्यांमार सरकार और वहां के प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा दिखाई दिया। नौजवानों ने बर्मा के रोहिंग्या मुसलमानों हम तुम्हारे साथ है के नारे लगाए। इसके बाद एसडीएम डीपी सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राष्ट्रपति से दिल्ली स्थित म्यांमार के दूतावास को बंद कराकर वहां की सरकार पर दबाव बनाने और इंसानियत एवं धर्म विशेष के लोगों की हत्या बंद कराने की मांग की गई। तंजीम, अनवर, रियासत, तासीन, असलम, मो. उमर, सलीम, कलीम, सलाउद्दीन, आसिफ फिरोज खान आदि शामिल रहे।
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गंगोह (सहारनपुर)। म्यांमार में निहत्थे एवं निर्दोष रोहिंग्या मुसलमानों की बर्बरता पूर्ण हत्या एवं उत्पीड़न के विरोध में मुस्लिम समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति से भारत स्थित म्यांमार दूतावास को बंद करने की मांग की गई।
बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग एवं उलमा कुरैशियान चौक पर एकत्रित हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मेटाडोर स्टैंड पर पहुंचे। वहां पूर्व चेयरमैन काजी नोमान मसूद, हमजा मसूद, इरफान अलीम कुरैशी, मजाहिर राणा, सपा नेता असदुल्ला अजमेरी, मौलाना खुशुनूद, मुफ्ती खुशजमाल, मौलाना अब्दुल सत्तार, मुफ्ती आबिद आदि वक्ताओं ने म्यांमार सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए रोहिंग्या मुसलमानों पर किए जा रहे जुल्मों को तुरंत बंद करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि बर्मा की सेना द्वारा लाखों मासूम छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और निहत्थे नौजवानों एवं बुजुर्गों की बर्बरता पूर्वक हत्या की जा रही है। कई लाख लोग बेघर होकर आसमान के नीचे जिंदगी जीने को मजबूर है। प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम समाज में म्यांमार सरकार और वहां के प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा दिखाई दिया। नौजवानों ने बर्मा के रोहिंग्या मुसलमानों हम तुम्हारे साथ है के नारे लगाए। इसके बाद एसडीएम डीपी सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राष्ट्रपति से दिल्ली स्थित म्यांमार के दूतावास को बंद कराकर वहां की सरकार पर दबाव बनाने और इंसानियत एवं धर्म विशेष के लोगों की हत्या बंद कराने की मांग की गई। तंजीम, अनवर, रियासत, तासीन, असलम, मो. उमर, सलीम, कलीम, सलाउद्दीन, आसिफ फिरोज खान आदि शामिल रहे।
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