{"_id":"59b2e3944f1c1bfa7f8b52d1","slug":"91504895892-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकदमे वापस न हुए तो उग्र आंदोलन करेंगे शिक्षा मित्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुकदमे वापस न हुए तो उग्र आंदोलन करेंगे शिक्षा मित्र
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंकने वाले शिक्षा मित्रों ने मुकदमे वापस न होने पर आंदोलन को उग्र रूप देने की चेतावनी प्रशासन और पुलिस को दी है। बीएसए कार्यालय पर चल रहा संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष मोर्चा का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा, जिसमें सैकड़ों शिक्षा मित्रों ने मौजूदगी दर्ज कराते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षा मित्रों के गुस्से को देखते हुए बीएसए कार्यालय पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। इस दौरान शिक्षा मित्रों ने गिरफ्तारी भी दी।
प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों के समायोजन को निरस्त करने के फैसले को सही मानते हुए उनका दस हजार रुपये मानदेय निर्धारित किया है। इससे नाराज शिक्षा मित्र चार दिन से आंदोलन की राह पर हैं। बुधवार को शिक्षा मित्रों ने बीएसए कार्यालय पर धरने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूूंका था। इसके बाद पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को शिक्षा मित्रों का पारा और हाई रहा। जिला संरक्षक गुरदीप सिंह और मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि यदि शिक्षा मित्रों पर हुए मुकदमे वापस नहीं लिए जाते हैं तो शिक्षा मित्र उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेेदार होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर शिक्षा मित्रों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। इससे पहले जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों की भावनाओं से खेल रही है। कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था, मगर बाद में दस हजार रुपये मानदेय निर्धारित कर दिया, जो शिक्षा मित्रों को कतई मान्य नहीं है। नरेश कुमार ने सरकार पर शिक्षा मित्रों के साथ छल करने का आरोप लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार शिक्षा मित्रों को समझाने पहुंचे थे मगर वह नहीं माने। धरने पर परवेज आलम, तहसीन, मनोज यादव, संजय कुमार, बृजेश, नीरज, शबानाज, ओमकार, बिजेंद्र, रविकांत, अरुण शर्मा, शफाकत, अमित शर्मा, निरंजन, शिव कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों के समायोजन को निरस्त करने के फैसले को सही मानते हुए उनका दस हजार रुपये मानदेय निर्धारित किया है। इससे नाराज शिक्षा मित्र चार दिन से आंदोलन की राह पर हैं। बुधवार को शिक्षा मित्रों ने बीएसए कार्यालय पर धरने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूूंका था। इसके बाद पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को शिक्षा मित्रों का पारा और हाई रहा। जिला संरक्षक गुरदीप सिंह और मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि यदि शिक्षा मित्रों पर हुए मुकदमे वापस नहीं लिए जाते हैं तो शिक्षा मित्र उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेेदार होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर शिक्षा मित्रों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। इससे पहले जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों की भावनाओं से खेल रही है। कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था, मगर बाद में दस हजार रुपये मानदेय निर्धारित कर दिया, जो शिक्षा मित्रों को कतई मान्य नहीं है। नरेश कुमार ने सरकार पर शिक्षा मित्रों के साथ छल करने का आरोप लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार शिक्षा मित्रों को समझाने पहुंचे थे मगर वह नहीं माने। धरने पर परवेज आलम, तहसीन, मनोज यादव, संजय कुमार, बृजेश, नीरज, शबानाज, ओमकार, बिजेंद्र, रविकांत, अरुण शर्मा, शफाकत, अमित शर्मा, निरंजन, शिव कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन