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हंगामी रही जिला पंचायत बोर्ड की बैठक, कार्यवृत कमिश्नर को भेजने पर सहमति बनी
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:24 AM IST
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सहारनपुर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की वजह पूर्व की बैठक में पारित प्रस्तावों में संशोधन करने का आरोप रहा। गंगोह में पशु वधशाला का ठेका 9 साल के लिए छोड़ने, अभिवहन शुल्क और टैक्स की दरों में संशोधन करने पर भी नाराजगी जताते हुए सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। हंगामा इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस तक बुलानी पड़ गई। बाद में समझाने बुझाने पर मामला शांत हुआ। बाद में पिछले एजेंडे में संशोधन के प्रस्ताव को कमिश्नर के पास भेजने पर सहमति बनी। अंत में एक सदस्य ने एएमए के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा, जिस पर विरोधाभास की स्थिति रही। अध्यक्ष पास-पास कहकर बैठक से बाहर चली गईं।
शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड की आपात बैठक में सीडीओ रेणू तिवारी ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचित सदस्यों के प्रतिनिधि बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हो सकते। इस पर सदस्यों के प्रतिनिधि बैठक से बाहर चले गए। एक सदस्य ने यह भी तर्क दिया कि प्रतिनिधि दर्शक दीर्घा में बैठ सकते हैं। उधर, बैठक में खनन अभिवहन शुल्क में संशोधन करने, गंगोह पशुवधशाला का ठेका 9 साल के लिए देने पर और टैक्स दरों में संशोधन को लेकर हंगामा शुरू हो गया। अपर मुख्य अधिकारी डॉक्टर सुमनलता ने कहा कि 27 जनवरी 2018 को हुई बोर्ड की बैठक में खनन अभिवहन शुल्क की दरें सर्वसम्मति से पास हुई थीं। यदि किसी को एतराज था तो एक महीने के अंदर शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। दरों में संशोधन कमिश्नर और डीएम के संज्ञान में लाकर ही किया जा सकता है। इस पर एक सदस्य ने कहा कि ऐसे तो सदन की गरिमा नहीं रहेगी। इसके बाद सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच पुलिस को भी बैठक में बुलाना पडा। बाद में कुछ सदस्यों के बीच बचाव करने से मामला शांत हुआ। इस दौरान संदीप चौधरी, नक्षत्रपाल सिंह, योगेद्र यादव, वसीम चौधरी, राजू माजरा, इमरान, घनश्याम आदि ने भागेदारी की। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत की चेयरपर्सन तसमीम बानो ने की। मुख्य विकास अधिकारी रेणू तिवारी, एएमए डॉक्टर सुमनलता सहित जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
सदस्यों का निजी दर्द भी छलका
सहारनपुर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्यों का निजी दर्द भी छलका। कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के आवंटन में सदस्यों के साथ भेदभाव किया गया। इसमें किसी को कम काम और किसी को बहुत अधिक कार्य दिए गए।
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एएमए से स्पष्टीकरण मांगा
सहारनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष तसमीम बानो ने एएमए को एक पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि कि 15 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में तय हुआ था कि बैठक राष्ट्रगान के साथ शुरू होगी, लेकिन आज आपने बैठक का आरंभ राष्ट्रगान से शुरू ना करके कार्यवाही शुरू करा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और तीन चार महिला सदस्यों के जाने के उपरांत ही राष्ट्रगान क्यों कराया गया। उन्होंने एएमए से इस पर स्पष्टीकरण मांगा। उधर, एएमए डॉक्टर सुमनलता ने बताया कि बोर्ड के शुरू होने पर बैठक में सभी सदस्य नहीं पहुंचे थे, इसलिए बाद में राष्ट्रगान कराया गया।
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शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड की आपात बैठक में सीडीओ रेणू तिवारी ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचित सदस्यों के प्रतिनिधि बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हो सकते। इस पर सदस्यों के प्रतिनिधि बैठक से बाहर चले गए। एक सदस्य ने यह भी तर्क दिया कि प्रतिनिधि दर्शक दीर्घा में बैठ सकते हैं। उधर, बैठक में खनन अभिवहन शुल्क में संशोधन करने, गंगोह पशुवधशाला का ठेका 9 साल के लिए देने पर और टैक्स दरों में संशोधन को लेकर हंगामा शुरू हो गया। अपर मुख्य अधिकारी डॉक्टर सुमनलता ने कहा कि 27 जनवरी 2018 को हुई बोर्ड की बैठक में खनन अभिवहन शुल्क की दरें सर्वसम्मति से पास हुई थीं। यदि किसी को एतराज था तो एक महीने के अंदर शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। दरों में संशोधन कमिश्नर और डीएम के संज्ञान में लाकर ही किया जा सकता है। इस पर एक सदस्य ने कहा कि ऐसे तो सदन की गरिमा नहीं रहेगी। इसके बाद सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच पुलिस को भी बैठक में बुलाना पडा। बाद में कुछ सदस्यों के बीच बचाव करने से मामला शांत हुआ। इस दौरान संदीप चौधरी, नक्षत्रपाल सिंह, योगेद्र यादव, वसीम चौधरी, राजू माजरा, इमरान, घनश्याम आदि ने भागेदारी की। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत की चेयरपर्सन तसमीम बानो ने की। मुख्य विकास अधिकारी रेणू तिवारी, एएमए डॉक्टर सुमनलता सहित जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
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सदस्यों का निजी दर्द भी छलका
सहारनपुर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्यों का निजी दर्द भी छलका। कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के आवंटन में सदस्यों के साथ भेदभाव किया गया। इसमें किसी को कम काम और किसी को बहुत अधिक कार्य दिए गए।
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एएमए से स्पष्टीकरण मांगा
सहारनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष तसमीम बानो ने एएमए को एक पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि कि 15 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में तय हुआ था कि बैठक राष्ट्रगान के साथ शुरू होगी, लेकिन आज आपने बैठक का आरंभ राष्ट्रगान से शुरू ना करके कार्यवाही शुरू करा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और तीन चार महिला सदस्यों के जाने के उपरांत ही राष्ट्रगान क्यों कराया गया। उन्होंने एएमए से इस पर स्पष्टीकरण मांगा। उधर, एएमए डॉक्टर सुमनलता ने बताया कि बोर्ड के शुरू होने पर बैठक में सभी सदस्य नहीं पहुंचे थे, इसलिए बाद में राष्ट्रगान कराया गया।