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हज यात्रियों से तीन गुणा से अधिक किराया वसूली का आरोप
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:48 PM IST
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हज यात्रियों से तीन गुणा से अधिक किराया वसूली का आरोप
सहारनपुर। यात्रियों से हज पर जाने का हवाई जहाज का किराया 73 हजार रुपये से अधिक वसूला जा रहा है, जबकि अनेक हवाई सेवा कंपनियों की वेबसाइट पर यह किराया 21 हजार से 35 हजार रुपये तक है। अधिक पैसा वसूले जाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किराया कम कराने की मांग की है।
इलाहीपुरा निवासी मो. कलीम, शाकिब और चांद मिया डीएम को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन देने के लिए सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हज यात्रियों से दिल्ली से मदीना और जिद्दा से दिल्ली जाने-आने का किराया 73697 रुपये जमा कराया जाता है। जबकि देश की अनेक हवाई सेवा कंपनियों की वेबसाइट पर इकोनॉमिक क्लास का न्यूनतम किराया 21 हजार और अधिकतम किराया 35 हजार रुपये अंकित है। यदि कोई हज यात्रा से चार या पांच महीने पहले टिकट बुक कराए तो यह किराया इससे भी कम हो जाता है। इस प्रकार हज यात्रियों से दो से तीन गुणा अधिक किराया वसूला जा रहा है, जो गलत है। बताया कि हज यात्रा के लिए केवल एयर इंडिया और सऊदी एयर लाइंस की ही सेवा दी जाती है। चूंकि वर्षों से इन दो ही कंपनियों का अधिकार बना हुआ है। ऐसे में यह मनमाना किराया वसूलती आ रही हैं, जबकि सरकार को टेंडर निकालना चाहिए, जो कंपनी सस्ते में अच्छी सेवा दे, उसी को जिम्मेदारी दी जाए। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से टेंडर प्रक्रिया अपनाकर किराया न्यूनतम करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में नौशाद, खुर्शीद अहमद, राव अब्दुल सत्तार, उवैस आदि भी रहे।
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सहारनपुर। यात्रियों से हज पर जाने का हवाई जहाज का किराया 73 हजार रुपये से अधिक वसूला जा रहा है, जबकि अनेक हवाई सेवा कंपनियों की वेबसाइट पर यह किराया 21 हजार से 35 हजार रुपये तक है। अधिक पैसा वसूले जाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किराया कम कराने की मांग की है।
इलाहीपुरा निवासी मो. कलीम, शाकिब और चांद मिया डीएम को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन देने के लिए सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हज यात्रियों से दिल्ली से मदीना और जिद्दा से दिल्ली जाने-आने का किराया 73697 रुपये जमा कराया जाता है। जबकि देश की अनेक हवाई सेवा कंपनियों की वेबसाइट पर इकोनॉमिक क्लास का न्यूनतम किराया 21 हजार और अधिकतम किराया 35 हजार रुपये अंकित है। यदि कोई हज यात्रा से चार या पांच महीने पहले टिकट बुक कराए तो यह किराया इससे भी कम हो जाता है। इस प्रकार हज यात्रियों से दो से तीन गुणा अधिक किराया वसूला जा रहा है, जो गलत है। बताया कि हज यात्रा के लिए केवल एयर इंडिया और सऊदी एयर लाइंस की ही सेवा दी जाती है। चूंकि वर्षों से इन दो ही कंपनियों का अधिकार बना हुआ है। ऐसे में यह मनमाना किराया वसूलती आ रही हैं, जबकि सरकार को टेंडर निकालना चाहिए, जो कंपनी सस्ते में अच्छी सेवा दे, उसी को जिम्मेदारी दी जाए। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से टेंडर प्रक्रिया अपनाकर किराया न्यूनतम करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में नौशाद, खुर्शीद अहमद, राव अब्दुल सत्तार, उवैस आदि भी रहे।
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