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शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते 65 बच्चों की जान खतरे में
Updated Tue, 24 Apr 2018 12:16 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। टूटी हुई छत, दीवार भी जर्ज, न बैठने की उचित व्यवस्था और न रसोई न ही शौचालय। कुछ ऐसी हालत है नगर के मोहल्ला कायस्थवाड़ा में चलने वाले परिषदीय विद्यालय नंबर 9 की। विद्यालय में करीब 65 बच्चे उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछले करीब 27 वर्षों से भी अधिक समय से मोहल्ला कायस्थवाड़ा में चल रहे परिषदीय विद्यालय की बिल्डिंग बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। जिसके चलते नौनिहाल जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। पिछले करीब एक वर्ष पूर्व नगर के मोहल्ला दीवान में जर्जर भवन की दीवार गिरने के कारण दो लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद नगर पालिका ने जर्जर भवनों को चिह्नित कर स्वामियों को उन्हें स्वयं गिरने के लिए नोटिस जारी किए थे। इसमें एक नोटिस परिषदीय विद्यालय भवन के मालिक आसिफ खान और एक नोटिस शिक्षा विभाग को भेजा गया था, लेकिन इस दिशा में आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। भवन स्वामी आसिफ खान ने बताया कि शिक्षा विभाग को यह भवन 35 रुपये प्रतिमाह किराए पर दिया गया था। तब इसकी हालत बहुत अच्छी थी। लेकिन अनदेखी के कारण इसकी हालत खराब होती चली गई। इसमें मौजूद दो कमरों में से एक की छत पहले ही गिर चुकी है, जबकि दूसरे की हालत भी बेहद खराब है। इतना ही नहीं जर्जर हालत में पहुंच चुके कमरे की छत को देखते हुए बच्चों को परिसर में बैठकर पढने को मजबूर होना पड़ा रहा है।
शासन की अनुमति के बिना भवन नहीं किया जा सकता स्थानांतरण
* विद्यालय की जीर्ण शीर्ण हालत के संबंध में शासन को कई बार पत्र लिखे गए। बिना शासन के आदेश के शिक्षा विभाग अपने स्तर से स्कूल का स्थानांतरण नहीं कर सकता है। भवन स्वामी ने कोर्ट से स्टे लिया हुआ है, वे विभाग को मरम्मत का कार्य भी नहीं करने दे रहा है।
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* रमेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर
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पिछले करीब 27 वर्षों से भी अधिक समय से मोहल्ला कायस्थवाड़ा में चल रहे परिषदीय विद्यालय की बिल्डिंग बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। जिसके चलते नौनिहाल जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। पिछले करीब एक वर्ष पूर्व नगर के मोहल्ला दीवान में जर्जर भवन की दीवार गिरने के कारण दो लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद नगर पालिका ने जर्जर भवनों को चिह्नित कर स्वामियों को उन्हें स्वयं गिरने के लिए नोटिस जारी किए थे। इसमें एक नोटिस परिषदीय विद्यालय भवन के मालिक आसिफ खान और एक नोटिस शिक्षा विभाग को भेजा गया था, लेकिन इस दिशा में आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। भवन स्वामी आसिफ खान ने बताया कि शिक्षा विभाग को यह भवन 35 रुपये प्रतिमाह किराए पर दिया गया था। तब इसकी हालत बहुत अच्छी थी। लेकिन अनदेखी के कारण इसकी हालत खराब होती चली गई। इसमें मौजूद दो कमरों में से एक की छत पहले ही गिर चुकी है, जबकि दूसरे की हालत भी बेहद खराब है। इतना ही नहीं जर्जर हालत में पहुंच चुके कमरे की छत को देखते हुए बच्चों को परिसर में बैठकर पढने को मजबूर होना पड़ा रहा है।
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शासन की अनुमति के बिना भवन नहीं किया जा सकता स्थानांतरण
* विद्यालय की जीर्ण शीर्ण हालत के संबंध में शासन को कई बार पत्र लिखे गए। बिना शासन के आदेश के शिक्षा विभाग अपने स्तर से स्कूल का स्थानांतरण नहीं कर सकता है। भवन स्वामी ने कोर्ट से स्टे लिया हुआ है, वे विभाग को मरम्मत का कार्य भी नहीं करने दे रहा है।
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* रमेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर