{"_id":"5adce0084f1c1b87028b5f44","slug":"81524424712-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय लोक अदालत में 3983 वाद निस्तारित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय लोक अदालत में 3983 वाद निस्तारित
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय लोक अदालत में 3983 वाद निस्तारित
सहारनपुर। रविवार को सहारनपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 3983 वादों का निस्तारण किया गया तथा 711025 रुपये के अर्थदंड की वसूली की गई। इस दौरान चिकित्सा कैंप का आयोजन कर दवाइयों का वितरण किया गया।
जिला जज सुशीला सिंह की अध्यक्षा में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में नोडल अधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रविकांत ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल, फौजदारी, राजस्व एवं बैंक प्रिलिटिगेशन के कुल 3983 वाद आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कराए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर लगाया गया। डाक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि शिविर में 101 मरीजों का परीक्षण किया गया एवं लोगों को एलोपैथिक, होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक दवाओं का भी वितरण किया गया। न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कोर्ट स्टाफ एवं वादकारियों ने अपना अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया और नि:शुल्क दवाएं प्राप्त कीं।
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में राष्ट्रीय एवं प्राइवेट बैंकों के कुल 109 बैंक लोन से संबंधित प्रिलिटिगेशन वाद आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए गए। जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि बैंकों द्वारा वसूल की गई।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित कुल 16 वाद निस्तारित हुए तथा 5255000 प्रतिकर की राशि पीड़ित लोगों को दिलाई गई। इनमें से 9 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद जिला जज सुशीला सिंह के न्यायालय से निस्तारित हुए, जिसमें कुल 2985000 प्रतिकर राशि दिलाई गई। प्रशासनिक न्यायालयों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 595 राजस्व एवं फौजदारी वाद निस्तारित हुए।
निस्तारित वादों में जिला जज सुशीला सिंह के 10, अमित पाल सिंह परिवार न्यायाधीश के 64, एयाज अहमद अपर जिला जज के 7, मुकेश कुमार सिंघल अपर जिला जज के 6, सुरेश चंद्र भारती अपर जिला जज के 64, नरेंद्र बहादुर प्रसाद अपर जिला जज के 4, ज्ञान प्रकाश अपर जिला जज के 5, ललिता गुप्ता अपर जिला जज के 18, राजेंद्र राम अपर जिला जज के 2, अनामिका चौहान अपर जिला जज के 10, रविंद्र कुमार अपर जिला जज के 14, महेंद्र चंद वर्मा लघुवाद न्यायाधीश के तीन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर दीनानाथ के 2410 फौजदारी वाद से 331600 अर्थदंड, रजनेश कुमार सिविल जज एसडी के 50 वाद, निर्दोष कुमार एसीजेएम प्रथम के 132 फौजदारी वाद तथा 240700 अर्थदंड, सत्यपाल सिंह प्रेमी प्रथम अपर सिविल जज एसडी के दो वाद, राजीव शरण सिविल जज एसडी, एफटीसी के 231 वाद व 31325 रुपये अर्थदंड, लीलू सिविल जज जेडी हवाली के 10 सिविल वाद, एलके राठी अतिरिक्त जज के 35 एनआई एक्ट के वाद सुशील कुमार खरवार एसीजेएम, सिविल जज एसडी देवबंद के 202 वाद व 107400 रुपये अर्थदंड प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
सहारनपुर। रविवार को सहारनपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 3983 वादों का निस्तारण किया गया तथा 711025 रुपये के अर्थदंड की वसूली की गई। इस दौरान चिकित्सा कैंप का आयोजन कर दवाइयों का वितरण किया गया।
जिला जज सुशीला सिंह की अध्यक्षा में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में नोडल अधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रविकांत ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल, फौजदारी, राजस्व एवं बैंक प्रिलिटिगेशन के कुल 3983 वाद आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कराए गए।
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर लगाया गया। डाक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि शिविर में 101 मरीजों का परीक्षण किया गया एवं लोगों को एलोपैथिक, होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक दवाओं का भी वितरण किया गया। न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कोर्ट स्टाफ एवं वादकारियों ने अपना अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया और नि:शुल्क दवाएं प्राप्त कीं।
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में राष्ट्रीय एवं प्राइवेट बैंकों के कुल 109 बैंक लोन से संबंधित प्रिलिटिगेशन वाद आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए गए। जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि बैंकों द्वारा वसूल की गई।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित कुल 16 वाद निस्तारित हुए तथा 5255000 प्रतिकर की राशि पीड़ित लोगों को दिलाई गई। इनमें से 9 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद जिला जज सुशीला सिंह के न्यायालय से निस्तारित हुए, जिसमें कुल 2985000 प्रतिकर राशि दिलाई गई। प्रशासनिक न्यायालयों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 595 राजस्व एवं फौजदारी वाद निस्तारित हुए।
निस्तारित वादों में जिला जज सुशीला सिंह के 10, अमित पाल सिंह परिवार न्यायाधीश के 64, एयाज अहमद अपर जिला जज के 7, मुकेश कुमार सिंघल अपर जिला जज के 6, सुरेश चंद्र भारती अपर जिला जज के 64, नरेंद्र बहादुर प्रसाद अपर जिला जज के 4, ज्ञान प्रकाश अपर जिला जज के 5, ललिता गुप्ता अपर जिला जज के 18, राजेंद्र राम अपर जिला जज के 2, अनामिका चौहान अपर जिला जज के 10, रविंद्र कुमार अपर जिला जज के 14, महेंद्र चंद वर्मा लघुवाद न्यायाधीश के तीन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाक्टर दीनानाथ के 2410 फौजदारी वाद से 331600 अर्थदंड, रजनेश कुमार सिविल जज एसडी के 50 वाद, निर्दोष कुमार एसीजेएम प्रथम के 132 फौजदारी वाद तथा 240700 अर्थदंड, सत्यपाल सिंह प्रेमी प्रथम अपर सिविल जज एसडी के दो वाद, राजीव शरण सिविल जज एसडी, एफटीसी के 231 वाद व 31325 रुपये अर्थदंड, लीलू सिविल जज जेडी हवाली के 10 सिविल वाद, एलके राठी अतिरिक्त जज के 35 एनआई एक्ट के वाद सुशील कुमार खरवार एसीजेएम, सिविल जज एसडी देवबंद के 202 वाद व 107400 रुपये अर्थदंड प्राप्त हुआ।