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वर्तमान चुनौतियों को समझकर नई टेक्नोलॉजी से जुडना जरुरी: इलाहाबादी
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:05 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। तैय्यब ट्रस्ट द्वारा संचालित सेंटर में मल्टीमीडिया एंड मैनेजमेेंट का कोर्स करने वाले 30 मदरसा छात्रों को प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने वर्तमान समय में आधुनिक शिक्षा के महत्व पर विस्तार से रोशनी डाली।
शुक्रवार को मोहल्ला बेरुन कोटला स्थित तैय्यब ट्रस्ट में आयोजित हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि दारुल उलूम वक्फ की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना कमरुज्जमा इलाहाबादी ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों को समझते हुए नई टेक्नोलॉजी से जुडना बेहद जरुरी है। क्योंकि इससे किसी भी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दीनी तालीम के साथ साथ रोजगार परक शिक्षा हासिल किया जाना भी जरुरी है। ट्रस्ट के चेयरमैन हाफिज आसिम कासमी ने कहा कि मौजूदा दौर में युवा आलिमों के लिए जरुरी है कि वह नई तकनीक से भी परिचित हों। क्योंकि अगर हम नई तकनीकों से परिचित नहीं होंगे तो किसी भी क्षेत्र में तरक्की कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि मदरसों से फारिग छात्रों को तैय्यब ट्रस्ट में अरबी, इंग्लिश, एकाउंटिंग, कंप्यूटर, ऑनलाइन टीचिंग, वीडियो संपादन और सोशल मीडिया का एक वर्ष प्रशिक्षण दिया गया। इससे उन्हें किसी भी क्षेत्र में निराशा का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुजफ्फरनगर के पूर्व चेयरमैन मौ. मजहर ने तैय्यब ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ट्रस्ट बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों में समाजसेवा का कार्य कर रहा है। अंत में अतिथियों ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 30 मदरसा छात्रों को प्रमाण पत्रों का वितरण करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। अध्यक्षता मौलाना कमरुज्जमा और संचालन ट्रस्ट के प्रवक्ता मौलाना शाहनवाज बदर कासमी ने किया। इस मौके पर दारुल उलूम के मुफ्ती जैनुल इस्लाम, राहत खलील, अनीसुर्रहमान, फहीम नंबरदार, मौ. सिराज मेरठी, सगीर प्रतापगढ़ी, मो. अनस खुर्शीद, मौलाना अर्शी आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को मोहल्ला बेरुन कोटला स्थित तैय्यब ट्रस्ट में आयोजित हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि दारुल उलूम वक्फ की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना कमरुज्जमा इलाहाबादी ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों को समझते हुए नई टेक्नोलॉजी से जुडना बेहद जरुरी है। क्योंकि इससे किसी भी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दीनी तालीम के साथ साथ रोजगार परक शिक्षा हासिल किया जाना भी जरुरी है। ट्रस्ट के चेयरमैन हाफिज आसिम कासमी ने कहा कि मौजूदा दौर में युवा आलिमों के लिए जरुरी है कि वह नई तकनीक से भी परिचित हों। क्योंकि अगर हम नई तकनीकों से परिचित नहीं होंगे तो किसी भी क्षेत्र में तरक्की कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि मदरसों से फारिग छात्रों को तैय्यब ट्रस्ट में अरबी, इंग्लिश, एकाउंटिंग, कंप्यूटर, ऑनलाइन टीचिंग, वीडियो संपादन और सोशल मीडिया का एक वर्ष प्रशिक्षण दिया गया। इससे उन्हें किसी भी क्षेत्र में निराशा का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुजफ्फरनगर के पूर्व चेयरमैन मौ. मजहर ने तैय्यब ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ट्रस्ट बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों में समाजसेवा का कार्य कर रहा है। अंत में अतिथियों ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 30 मदरसा छात्रों को प्रमाण पत्रों का वितरण करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। अध्यक्षता मौलाना कमरुज्जमा और संचालन ट्रस्ट के प्रवक्ता मौलाना शाहनवाज बदर कासमी ने किया। इस मौके पर दारुल उलूम के मुफ्ती जैनुल इस्लाम, राहत खलील, अनीसुर्रहमान, फहीम नंबरदार, मौ. सिराज मेरठी, सगीर प्रतापगढ़ी, मो. अनस खुर्शीद, मौलाना अर्शी आदि मौजूद रहे।
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