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मौत के मुहाने पर देवबंद की आधी से ज्यादा आबादी
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:52 AM IST
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मौत के मुहाने पर देवबंद की आधी से ज्यादा आबादी
देवबंद (सहारनपुर)। नगर और आसपास के इलाकों में आधी से ज्यादा आबादी मौत के मुहाने पर बैठी है क्योंकि नगर के कई कालोनियों में दर्जनों इमारतें और भवन ऐसे हैं जो 100 साल से भी अधिक पुराने और जर्जर हैं। न तो इनमे रहने वाले अपनी जिंदगी की परवाह कर रहे हैं और न ही नगर पालिका सर्वे कराकर इन्हें धवस्त कराने में आगे आ रही है। इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि दारुल उलूम रोड पर हुए हादसे में तीन जिंदगियां चली गईं।
बता दें कि नगर के मोहल्ला टाकान, छिंपीवाड़ा, मित्रसैन चौक, कायस्थवाड़ा, लाल मस्जिद, दीवान दरवाजा, ख्वाजबख्श, खानकाह और मोहल्ला किला में जर्जर इमारतें खड़ी हैं।कई इमारतों में तो प्राइमरी स्कूल तक चल रहे हैं। आलम यह है कि इन जर्जर हो चुकी इमारतों में रहने वाले लोग जहां अपनी जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं वहीं आसपास रहने वाले लोगों की जान का भी खतरा बना हुआ है। पूर्व में भी जर्जर इमारत गिरने से हादसे हो चुके हैं। दो माह पूर्व मोहल्ला अबुल बरकात में खुदाई के दौरान एक इमारत गिर पड़ी थी। इसमें आसपास की दुकाने क्षतिग्रस्त हो गई थी। इतना सब होने के बावजूद प्रशासन इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। एसडीएम रामविलास यादव ने बताया कि शनिवार को हुए हादसे के बाद राजस्व विभाग, पुलिस और नगरपालिका की एक संयुक्त टीम बनाई गई है। जो नगर की सभी जर्जर इमारतों का सर्वे करेगी। चिह्नित होने पर भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जिसके बाद उन्हें गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
मजबूरी और लालच में भी खतरे में डाल रहे जिंदगी
देवबंद। जर्जर भवनों में रह रहे कुछ लोगों का कहना है कि पुरानी इमारतों को गिराकर दुबारा बनवाना आसान काम नहीं है। कई इमारतों में बेहद कम किराए पर परिवार रह रहे हैं। उनके लिए अधिक किराए पर दूसरे घरों में रहना मुश्किल है। इसलिए जानते हुए भी जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं।
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एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
देवबंद। सपा नेता एवं खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर राव कारी साजिद ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें जर्जर इमारतों को चिंहित कर उन्हें गिरवाने की मांग की है। कारी साजिद ने कहा कि बरसात के मौसम में पानी की निकासी न होने से दारूल उलूम चौक से लेकर मस्जिद रशीदिया तथा बडजियाउलहक से लेकर तलहेड़ी चुंगी तक जलभराव की स्थिति बन रही है। नगरपालिका ने बरसात से पूर्व नाले-नालियों की अच्छी प्रकार सफाई नहीं कराई। जबकि पालिका अधिकारियों को इस संबंध में अवगत भी कराया गया था। लेकिन कोई तव्वजों नहीं दी गई। जलभराव के कारण जर्जर मकान गिरने लगे हैं। इस दौरान शफीक कुरैशी, सोनू कुरैशी, अफसर, फुरकान अंसारी आदि रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। नगर और आसपास के इलाकों में आधी से ज्यादा आबादी मौत के मुहाने पर बैठी है क्योंकि नगर के कई कालोनियों में दर्जनों इमारतें और भवन ऐसे हैं जो 100 साल से भी अधिक पुराने और जर्जर हैं। न तो इनमे रहने वाले अपनी जिंदगी की परवाह कर रहे हैं और न ही नगर पालिका सर्वे कराकर इन्हें धवस्त कराने में आगे आ रही है। इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि दारुल उलूम रोड पर हुए हादसे में तीन जिंदगियां चली गईं।
बता दें कि नगर के मोहल्ला टाकान, छिंपीवाड़ा, मित्रसैन चौक, कायस्थवाड़ा, लाल मस्जिद, दीवान दरवाजा, ख्वाजबख्श, खानकाह और मोहल्ला किला में जर्जर इमारतें खड़ी हैं।कई इमारतों में तो प्राइमरी स्कूल तक चल रहे हैं। आलम यह है कि इन जर्जर हो चुकी इमारतों में रहने वाले लोग जहां अपनी जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं वहीं आसपास रहने वाले लोगों की जान का भी खतरा बना हुआ है। पूर्व में भी जर्जर इमारत गिरने से हादसे हो चुके हैं। दो माह पूर्व मोहल्ला अबुल बरकात में खुदाई के दौरान एक इमारत गिर पड़ी थी। इसमें आसपास की दुकाने क्षतिग्रस्त हो गई थी। इतना सब होने के बावजूद प्रशासन इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। एसडीएम रामविलास यादव ने बताया कि शनिवार को हुए हादसे के बाद राजस्व विभाग, पुलिस और नगरपालिका की एक संयुक्त टीम बनाई गई है। जो नगर की सभी जर्जर इमारतों का सर्वे करेगी। चिह्नित होने पर भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जिसके बाद उन्हें गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
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मजबूरी और लालच में भी खतरे में डाल रहे जिंदगी
देवबंद। जर्जर भवनों में रह रहे कुछ लोगों का कहना है कि पुरानी इमारतों को गिराकर दुबारा बनवाना आसान काम नहीं है। कई इमारतों में बेहद कम किराए पर परिवार रह रहे हैं। उनके लिए अधिक किराए पर दूसरे घरों में रहना मुश्किल है। इसलिए जानते हुए भी जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं।
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एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
देवबंद। सपा नेता एवं खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर राव कारी साजिद ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें जर्जर इमारतों को चिंहित कर उन्हें गिरवाने की मांग की है। कारी साजिद ने कहा कि बरसात के मौसम में पानी की निकासी न होने से दारूल उलूम चौक से लेकर मस्जिद रशीदिया तथा बडजियाउलहक से लेकर तलहेड़ी चुंगी तक जलभराव की स्थिति बन रही है। नगरपालिका ने बरसात से पूर्व नाले-नालियों की अच्छी प्रकार सफाई नहीं कराई। जबकि पालिका अधिकारियों को इस संबंध में अवगत भी कराया गया था। लेकिन कोई तव्वजों नहीं दी गई। जलभराव के कारण जर्जर मकान गिरने लगे हैं। इस दौरान शफीक कुरैशी, सोनू कुरैशी, अफसर, फुरकान अंसारी आदि रहे।