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तीन शुगर मिलों पर विगत वर्ष का 76 करोड़ रुपये बकाया
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सहारनपुर। नया पेराई सत्र शुरू होने के करीब दो माह बाद भी जिले की तीन शुगर मिलों पर किसानों का 76 करोड़ रुपये विगत पेराई सत्र के बकाया हैं। इनमें एक निजी और दो सहकारी चीनी मिलें शामिल हैं।
शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी जनपद की तीन शुगर मिलों पर अब भी करीब 76 करोड़ रुपये बकाया हैं, जबकि मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गन्ने का मात्र दो चीनी मिलों ने ही भुगतान करना शुरू किया। इस सीजन का बकाया भी लगभग 180 करोड़ रुपये हो गया है। मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन में किसान को गन्ना मूल्य का भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान करने पर शुगर मिल को बकाया गन्ना मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का प्राविधान भी है। इसके बाद भी अधिकांश शुगर मिल समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरतते हैं। गांव बुढ्ढा खेड़ा के किसान कल्याण सिंह, बिड़वी के सुधीर सिंह और हलगोया के जिया उल हक आदि ने कहा समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने को लेकर ज्यादातर चीनी मिलें गंभीर नहीं हैं। इसके चलते किसानों को निर्धारित 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पाता। साथ ही किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज भी नहीं मिलता है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि विगत वर्ष की बकाएदार तीनों चीनी मिलों पर जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले की देवबंद और गागल हेड़ी शुगर मिलों ने मौजूदा पेराई सत्र का गन्ना मूल्य भु्गतान करना शुरू कर दिया है।
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शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी जनपद की तीन शुगर मिलों पर अब भी करीब 76 करोड़ रुपये बकाया हैं, जबकि मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गन्ने का मात्र दो चीनी मिलों ने ही भुगतान करना शुरू किया। इस सीजन का बकाया भी लगभग 180 करोड़ रुपये हो गया है। मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन में किसान को गन्ना मूल्य का भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान करने पर शुगर मिल को बकाया गन्ना मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का प्राविधान भी है। इसके बाद भी अधिकांश शुगर मिल समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरतते हैं। गांव बुढ्ढा खेड़ा के किसान कल्याण सिंह, बिड़वी के सुधीर सिंह और हलगोया के जिया उल हक आदि ने कहा समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने को लेकर ज्यादातर चीनी मिलें गंभीर नहीं हैं। इसके चलते किसानों को निर्धारित 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पाता। साथ ही किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज भी नहीं मिलता है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि विगत वर्ष की बकाएदार तीनों चीनी मिलों पर जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले की देवबंद और गागल हेड़ी शुगर मिलों ने मौजूदा पेराई सत्र का गन्ना मूल्य भु्गतान करना शुरू कर दिया है।
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