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सैनिक सम्मान के साथ शहीद जबर सिंह को दी अंतिम विदाई
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:05 AM IST
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नकुड़ (सहारनपुर)। जम्मू कश्मीर में सोमवार की शाम शहीद हुए सहारनपुर के लाल जबरसिंह का पार्थिव शरीर बुधवार की सुबह साढ़े सात बजे उनके पैतृक गांव भैरमऊ पहुंचा। गांव में लोग रात से ही उनके घर पर शव के आने का इंतजार कर रहे थे। शव जैसे ही पहुंचा पूरे गांव में कोहराम मच गया। शहीद जबरसिंह की अंतिम यात्रा में भारी जनसमूह उमड़ा। इस दौरान लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, जबरसिंह तेरा नाम रहेगा के साथ-साथ हिन्दुस्तान जिंदाबाद तथा पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। सैनिक सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। जबरसिंह के नौ वर्षीय बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी।
सोमवार की देर शाम कोतवाली क्षेत्र के गांव भैरमऊ निवासी किसान सिताब सिंह पुत्र जबर सिंह के जम्मू कश्मीर में ग्रेनेड विस्फोट में शहीद होने की सूचना से पूरे गांव में कोहराम मच गया था। जबरसिंह बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर में तैनात थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जैसे ही बीएसएफ की गाड़ी पार्थिव शरीर को लेकर पहुंची गांव में चीख पुकार मच गई। शहीद की पत्नी, बच्चे व अन्य परिजन जबरसिंह के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखने लगे। कुछ ही देर में गांव भैरमऊ की गलियों में जनसैलाब उमड़ पड़ा। घर, गलियों व छतों पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। करीब एक घंटे बाद शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई तो यात्रा में शामिल लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, जबरसिंह तेरा नाम रहेगा तथा हिंदूस्तान जिंदाबाद व पाकिस्तान मुर्दाबाद आदि नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके पश्चात छावला कैंप दिल्ली से आये बीएसएफ के जवानों ने अंतिम संस्कार स्थल पर पार्थिव शरीर को सलामी दी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों व नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा में मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी, डीआईजी शरद सचान, डीएम आलोक कुमार पांडेय, एसएसपी दिनेश कुमार पी, एसडीएम युगराजसिंह, सीओ यतेंद्र नागर, आयुष मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी, विधायक प्रदीप चौधरी, कुंवर ब्रिजेश सिंह, सांसद अनुज राहुल लखनपाल शर्मा, पूर्व विधायक सुशील चौधरी, महीपाल सिंह माजरा, महावीर राणा, सपा नेता अतुल प्रधान, राजसिंह माजरा, सपा जिलाध्यक्ष रुद्रसेन चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र कश्यप, मुकेश चौधरी, राजू माजरा, पदम ढायकी, पवनसिंह राठौर, रालोद प्रदेश महासचिव धीरसिंह चौधरी, रालोद जिलाध्यक्ष राव कैसर आदि शामिल हुए। शहीद जबरसिंह के नौ वर्षीय पुत्र हर्षित को पिता की चिता को मुखाग्नि देते देख सभी की आंखें नम हो गईं। सांसद तबस्सुम बेगम का न आना चर्चा का विषय रहा।
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आयुष मंत्री ने शहीद की पत्नी को बीस लाख, पिता को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा
नकुड़। शहीद जबरसिंह की अंतिम यात्रा के पश्चात आयुष मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी ने प्रदेश सरकार की ओर से जबरसिंह की पत्नी रविता देवी को बीस लाख तथा पिता को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। इस मौके पर मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी ने शीघ्र ही विधायक निधि से शहीद जबरसिंह के नाम से गांव में मुख्यद्वार तथा मुख्यमंत्री से बात कर गांव के जूनियर हाईस्कूल को राजकीय इंटर कालेज बनवाने तथा परिवार की मदद के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं दिलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद जबरसिंह के देश के लिए किए गए बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस मौके पर शहीद के पिता सिताब सिंह ने मौजूद उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।
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सोमवार की देर शाम कोतवाली क्षेत्र के गांव भैरमऊ निवासी किसान सिताब सिंह पुत्र जबर सिंह के जम्मू कश्मीर में ग्रेनेड विस्फोट में शहीद होने की सूचना से पूरे गांव में कोहराम मच गया था। जबरसिंह बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर में तैनात थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जैसे ही बीएसएफ की गाड़ी पार्थिव शरीर को लेकर पहुंची गांव में चीख पुकार मच गई। शहीद की पत्नी, बच्चे व अन्य परिजन जबरसिंह के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखने लगे। कुछ ही देर में गांव भैरमऊ की गलियों में जनसैलाब उमड़ पड़ा। घर, गलियों व छतों पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। करीब एक घंटे बाद शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई तो यात्रा में शामिल लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, जबरसिंह तेरा नाम रहेगा तथा हिंदूस्तान जिंदाबाद व पाकिस्तान मुर्दाबाद आदि नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके पश्चात छावला कैंप दिल्ली से आये बीएसएफ के जवानों ने अंतिम संस्कार स्थल पर पार्थिव शरीर को सलामी दी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों व नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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अंतिम यात्रा में मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी, डीआईजी शरद सचान, डीएम आलोक कुमार पांडेय, एसएसपी दिनेश कुमार पी, एसडीएम युगराजसिंह, सीओ यतेंद्र नागर, आयुष मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी, विधायक प्रदीप चौधरी, कुंवर ब्रिजेश सिंह, सांसद अनुज राहुल लखनपाल शर्मा, पूर्व विधायक सुशील चौधरी, महीपाल सिंह माजरा, महावीर राणा, सपा नेता अतुल प्रधान, राजसिंह माजरा, सपा जिलाध्यक्ष रुद्रसेन चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र कश्यप, मुकेश चौधरी, राजू माजरा, पदम ढायकी, पवनसिंह राठौर, रालोद प्रदेश महासचिव धीरसिंह चौधरी, रालोद जिलाध्यक्ष राव कैसर आदि शामिल हुए। शहीद जबरसिंह के नौ वर्षीय पुत्र हर्षित को पिता की चिता को मुखाग्नि देते देख सभी की आंखें नम हो गईं। सांसद तबस्सुम बेगम का न आना चर्चा का विषय रहा।
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आयुष मंत्री ने शहीद की पत्नी को बीस लाख, पिता को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा
नकुड़। शहीद जबरसिंह की अंतिम यात्रा के पश्चात आयुष मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी ने प्रदेश सरकार की ओर से जबरसिंह की पत्नी रविता देवी को बीस लाख तथा पिता को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। इस मौके पर मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी ने शीघ्र ही विधायक निधि से शहीद जबरसिंह के नाम से गांव में मुख्यद्वार तथा मुख्यमंत्री से बात कर गांव के जूनियर हाईस्कूल को राजकीय इंटर कालेज बनवाने तथा परिवार की मदद के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं दिलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद जबरसिंह के देश के लिए किए गए बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस मौके पर शहीद के पिता सिताब सिंह ने मौजूद उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।