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तलाक के बाद बीवी और शौहर का एक साथ रहना नाजायज: उलमा
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:53 AM IST
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तलाक के बाद बीवी का शौहर के साथ रहना नाजायज : मुफ्ती
देवबंद(सहारनपुर)। झूठ का सहारा लेकर तलाकशुदा बहू को घर लाने तथा उसके पति के साथ रहने के मामले में मुफ्तियों का कहना है कि तलाक के बाद पति पत्नी का एक साथ रहना नाजायज है। जबकि झूठ का सहारा लेकर बहू को घर लेकर आने वाले लड़के के परिवार वाले गुनहगार हैं।
दरअसल बीते दिनों नगर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी बीवी को तीन बार तलाक कहकर 14 वर्ष पुराना रिश्ता खत्म कर दिया था। जिसके बाद लड़की के मायके वाले उसे अपने घर ले गए थे। कुछ दिनों बाद लड़के के परिजन लड़की वालों के यहां पहुंचे और वहां झूठ का सहारा लेकर बताया कि उन्होंने इस संबंध में फतवा लिया है जिसमें कहा गया है कि शराब के नशे में दी गई तलाक मान्य नहीं है। इसलिए बहू को हमारे साथ भेज दो। लड़की के घरवालों ने उनकी बात पर भरोसा करते हुए उसे उनके साथ भेज दिया। जब इस मामले में मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी का कहना है कि शराब पीना इस्लाम में हराम करार दिया गया है। शौहर ने बीवी को शराब के नशे में तीन बार तलाक बोल दिया और उसे बीवी समेत कई लोगों ने सुन भी लिया तो ऐसी सूरत में पत्नी पति पर हराम हो गई। उसके बाद भी वह उसके साथ रहती है तो वह सरासर नाजायज है। साथ ही कहा कि लड़के के घरवालों ने बहू को घर लाने के लिए झूठ का सहारा लिया है तो ये बहुत बड़ा गुनाह है।
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देवबंद(सहारनपुर)। झूठ का सहारा लेकर तलाकशुदा बहू को घर लाने तथा उसके पति के साथ रहने के मामले में मुफ्तियों का कहना है कि तलाक के बाद पति पत्नी का एक साथ रहना नाजायज है। जबकि झूठ का सहारा लेकर बहू को घर लेकर आने वाले लड़के के परिवार वाले गुनहगार हैं।
दरअसल बीते दिनों नगर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी बीवी को तीन बार तलाक कहकर 14 वर्ष पुराना रिश्ता खत्म कर दिया था। जिसके बाद लड़की के मायके वाले उसे अपने घर ले गए थे। कुछ दिनों बाद लड़के के परिजन लड़की वालों के यहां पहुंचे और वहां झूठ का सहारा लेकर बताया कि उन्होंने इस संबंध में फतवा लिया है जिसमें कहा गया है कि शराब के नशे में दी गई तलाक मान्य नहीं है। इसलिए बहू को हमारे साथ भेज दो। लड़की के घरवालों ने उनकी बात पर भरोसा करते हुए उसे उनके साथ भेज दिया। जब इस मामले में मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी का कहना है कि शराब पीना इस्लाम में हराम करार दिया गया है। शौहर ने बीवी को शराब के नशे में तीन बार तलाक बोल दिया और उसे बीवी समेत कई लोगों ने सुन भी लिया तो ऐसी सूरत में पत्नी पति पर हराम हो गई। उसके बाद भी वह उसके साथ रहती है तो वह सरासर नाजायज है। साथ ही कहा कि लड़के के घरवालों ने बहू को घर लाने के लिए झूठ का सहारा लिया है तो ये बहुत बड़ा गुनाह है।
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