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विकास प्राधिकरण के रोक के दावे के बीच तीसरे दिन भी काम जारी
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:17 AM IST
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सहारनपुर। आरजी पैलेस के विवादित दो प्लाटों पर नियम कायदों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण तीसरे दिन भी जारी रहा। विकास प्राधिकरण रोक होने का दावा कर रहा है। वहीं, निर्माणकर्ता लगातार निर्माण करा रहे हैं। इस मामले में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है।
रजिस्ट्री में स्टांप की कमी पाए जाने पर प्रशासन ने ग्लोकल इंडिया बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के आरजी पैलेस में स्थित दो प्लाटों पर करीब दो करोड़ का जुर्माना लगा दिया। इस आदेश के खिलाफ कंपनी राजस्व परिषद में गई। जुर्माना जमा ना होने पर जिला प्रशासन ने पहले ही दोनों प्लाटों की नीलामी कर दी थी। राजस्व परिषद ने एडीएम (एफ) के जुर्माने करोड़ों की बजाए लाखों में किया तो प्रशासन ने उसी दिन एक भाजपा नेता व उसके रिश्तेदार को प्लाटों बैनामा करा दिया। पूरी प्रक्रिया को नीलामी के जरिए दिखाया गया। अब कब्जे की गरज से यहां धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी है। विकास प्राधिकरण निर्माण पर रोक होने का दावा कर रहा है, लेकिन निर्माणकर्ताओं ने तीसरे दिन भी अवैध निर्माण जारी रखा। सूत्रों की माने तो कागजों में निर्माण ना कराने के आदेश हैं। मगर, निर्माणकर्ता नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण करा रहे हैं, जबकि ग्लोबल इंडिया कंपनी निर्माण रोक लगाए जाने की मांग कर चुकी है। इस मामले में प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध बनी है। विकास प्राधिकरण के वीसी मनोज कुमार का कहना है निर्माण का नक्शा प्राधिकरण के पास नहीं है। इसलिए निर्माण पर रोक है। विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं अवैध निर्माणकर्ता
सहारनपुर। प्रशासन ने जिन दो लोगों को प्लाटों का बैनामा कराया है। वह रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं। प्रशासन के मुताबिक एक प्लाट की सर्वाधिक बोली महेश कुमार पुत्र मंशाराम और दूसरे प्लाट की सर्वाधिक बोली सुमित सिंघल पुत्र महेश सिंघल निवासी सदर बाजार रोड की स्वीकृत की गई। इन दोनों को प्लाट का बैनामा किया गया। महेश कुमार और सुमित सिंघल रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं।
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रजिस्ट्री में स्टांप की कमी पाए जाने पर प्रशासन ने ग्लोकल इंडिया बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के आरजी पैलेस में स्थित दो प्लाटों पर करीब दो करोड़ का जुर्माना लगा दिया। इस आदेश के खिलाफ कंपनी राजस्व परिषद में गई। जुर्माना जमा ना होने पर जिला प्रशासन ने पहले ही दोनों प्लाटों की नीलामी कर दी थी। राजस्व परिषद ने एडीएम (एफ) के जुर्माने करोड़ों की बजाए लाखों में किया तो प्रशासन ने उसी दिन एक भाजपा नेता व उसके रिश्तेदार को प्लाटों बैनामा करा दिया। पूरी प्रक्रिया को नीलामी के जरिए दिखाया गया। अब कब्जे की गरज से यहां धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी है। विकास प्राधिकरण निर्माण पर रोक होने का दावा कर रहा है, लेकिन निर्माणकर्ताओं ने तीसरे दिन भी अवैध निर्माण जारी रखा। सूत्रों की माने तो कागजों में निर्माण ना कराने के आदेश हैं। मगर, निर्माणकर्ता नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण करा रहे हैं, जबकि ग्लोबल इंडिया कंपनी निर्माण रोक लगाए जाने की मांग कर चुकी है। इस मामले में प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध बनी है। विकास प्राधिकरण के वीसी मनोज कुमार का कहना है निर्माण का नक्शा प्राधिकरण के पास नहीं है। इसलिए निर्माण पर रोक है। विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
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रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं अवैध निर्माणकर्ता
सहारनपुर। प्रशासन ने जिन दो लोगों को प्लाटों का बैनामा कराया है। वह रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं। प्रशासन के मुताबिक एक प्लाट की सर्वाधिक बोली महेश कुमार पुत्र मंशाराम और दूसरे प्लाट की सर्वाधिक बोली सुमित सिंघल पुत्र महेश सिंघल निवासी सदर बाजार रोड की स्वीकृत की गई। इन दोनों को प्लाट का बैनामा किया गया। महेश कुमार और सुमित सिंघल रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं।
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