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अवैध वसूली का विरोध करने पर तीमारदार को पीटा

Wed, 08 Nov 2017 12:38 AM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:38 AM IST
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अवैध वसूली का विरोध करने पर तीमारदार को पीटा
सहारनपुर। महिला अस्पताल में तीमारदारों से अवैध वसूली रुक नहीं रही है। बेटा होने पर जब एक तीमारदार ने डॉक्टरों की मांग पूरी नहीं की तो अस्पताल के स्टाफ ने तीमारदार को कमरे में ले जाकर बुरी तरह पीटा। पीड़ित ने आरोपियों के विरुद्घ उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। उधर, अस्पताल के अधिकारी युवक से किसी तरह की वसूली या मारपीट से इनकार कर रहे हैं।
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गांव अहमदपुर निवासी अशोक कुमार ने अपनी पत्नी नीता देवी को सोमवार की रात डिलीवरी के लिए महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रात 11 बजे पत्नी की सामान्य डिलीवरी हुई। उसनेेेे बेटे को जन्म दिया। अशोक का आरोप है कि पैदा होने के बाद बच्चा उन्हें देने की एवज में डॉक्टर ने 2100 रुपये मांगे। उसके पास ज्यादा पैसा नहीं था। ऐसे में उसने 1100 रुपये दिए। इसके बाद नर्स उसकी पत्नी और बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर वार्ड पहुंची। आरोप है कि नीता को वार्ड तक पहुंचाने के लिए नर्स ने भी 200 रुपये लिए। यहां तक की सफाई करने पहुंची महिला को भी 100-100 रुपये जबरन दिलवाए गए। बताया कि सुबह तक उनकी जेब से 2900 रुपये इसी तरह बंट चुके थे। इसके बाद सुबह के समय और रुपयों की डिमांड की गई। जब पैसा मांगने का विरोध किया गया और अधिकारियों को शिकायत करने की बात कही गई तो स्टाफ के लोग उसे पकड़कर एक कमरे में ले गए, जहां उसकी जमकर पिटाई की और कपड़े तक फाड़ दिए गए। पीड़ित का कहना है कि वह स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही डीएम और पुलिस से भी शिकायत करेगा।
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पत्नी और बच्चे को खतरा बताया
अशोक का कहना था कि जब तक उसकी पत्नी और बच्चा अस्पताल में पूरी तरह स्वस्थ हैं, मगर घटना के बाद उनकी जान को खतरा है। घटना के बाद से अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ का रवैया बदला हुआ है। यदि उसके बच्चे और पत्नी को अस्पताल में कोई परेशानी होती है तो उसके लिए अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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डॉक्टरों या स्टाफ द्वारा पैसा मांगने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। असल में युवक का झगड़ा अस्पताल में एंट्री को लेकर गार्ड के साथ हुआ था। वह गार्ड को एंट्री कराने के लिए खुद पैसा दे रहा था, मगर गार्ड ने फिर भी उसे रोका, जिसके बाद उनके बीच मारपीट हुई। बाद में युवक ने लिखित में माफी मांगी है और अपने द्वारा लगाए गए आरोपों को भी झूठा बताया है।
डॉ. अनीता जोशी, सीएमएस।
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