{"_id":"59a85a6f4f1c1b17278b4b3e","slug":"71504205423-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजगार सेवकों ने बीडीओ कार्यालय पर की तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजगार सेवकों ने बीडीओ कार्यालय पर की तालाबंदी
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। ग्राम सेवकों ने बृहस्पतिवार को अपनी मांगों को लेकर खंड विकास कार्यालय पर तालाबंदी करते हुए प्रदर्शन किया।
सुबह इकट्ठा होकर ग्राम सेवक नारेबाजी करते हुए खंड विकास कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यालय के गेट पर तालाबंदी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। कहा कि शासन द्वारा 14वें वित्त आयोग योजना के क्रियान्वयन हेतु पंचायत सदस्यों की भर्ती किया जाना प्रस्तावित है, जो औचित्यहीन है। इस भर्ती पर रोक लगाई जाए। मनरेगा योजना लागू होने के उपरांत नवसर्जित व सीमा विस्तार वाली निकाय में शामिल हो चुके ग्राम पंचायतों के रिक्त पदों पर रोजगार सेवकों को नियुक्ति दी जाए। इसके अलावा मानदेय भुगतान व्यवस्था को समाप्त कर सरकार द्वारा पृथक बजट की व्यवस्था की जाए। रोजगार सेवकों के जॉब कार्ड में मनरेगा के अतिरिक्त अन्य कार्यों को जोड़कर योगदान लिया जाए। साथ ही वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब का बकाया वेतन भुगतान किया जाए। रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देकर उन्हें नियमित किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान ग्राम सेवकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह जिला मुख्यालय पर पांच सितंबर को जागरूकता रैली और 12 सितंबर को लखनऊ में मेला मैदान पर अधिकार रैली के बाद अनिश्चित काल के लिए धरना देने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन व तालाबंदी करने वालों में भूपेंद्र, मांगेराम, रामकला, सुनील, नीरज, अवनीश, अरविंद, राहुलदेव, भंवर सिंह, राजपाल, सुनील, सुंदरपाल आदि रहे।
विज्ञापन
सुबह इकट्ठा होकर ग्राम सेवक नारेबाजी करते हुए खंड विकास कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यालय के गेट पर तालाबंदी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। कहा कि शासन द्वारा 14वें वित्त आयोग योजना के क्रियान्वयन हेतु पंचायत सदस्यों की भर्ती किया जाना प्रस्तावित है, जो औचित्यहीन है। इस भर्ती पर रोक लगाई जाए। मनरेगा योजना लागू होने के उपरांत नवसर्जित व सीमा विस्तार वाली निकाय में शामिल हो चुके ग्राम पंचायतों के रिक्त पदों पर रोजगार सेवकों को नियुक्ति दी जाए। इसके अलावा मानदेय भुगतान व्यवस्था को समाप्त कर सरकार द्वारा पृथक बजट की व्यवस्था की जाए। रोजगार सेवकों के जॉब कार्ड में मनरेगा के अतिरिक्त अन्य कार्यों को जोड़कर योगदान लिया जाए। साथ ही वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब का बकाया वेतन भुगतान किया जाए। रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देकर उन्हें नियमित किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान ग्राम सेवकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह जिला मुख्यालय पर पांच सितंबर को जागरूकता रैली और 12 सितंबर को लखनऊ में मेला मैदान पर अधिकार रैली के बाद अनिश्चित काल के लिए धरना देने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन व तालाबंदी करने वालों में भूपेंद्र, मांगेराम, रामकला, सुनील, नीरज, अवनीश, अरविंद, राहुलदेव, भंवर सिंह, राजपाल, सुनील, सुंदरपाल आदि रहे।
विज्ञापन