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अवैध तरीके से सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित करने का आरोप
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:24 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। हरिपुर के ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान एवं उनके पति पर अवैध तरीके से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन कराए जाने का आरोप लगाया है।
मंडलायुक्त से की गई शिकायत में विकासखंड साढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांव हरिपुर निवासी सुधीर कुमार, हरिराम, बनेश, सुशील, किरणपाल, अतुल कुमार, बीर सिंह, अवनीश कुमार, कविता का कहना है, कि उनके गांव के राशन विक्रेता ने पत्नी के ग्राम प्रधान चुने जाने पर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान छोड़ दी थी, जिसके बाद विक्रेता के चयन के लिए मुनादी एवं एजेंडा प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, लेकिन ग्राम प्रधान एवं उनके पति पूर्व राशन विक्रेता ने प्रक्रिया को नजर अंदाज करते हुए बिना किसी मुनादी, एजेंडे और सार्वजनिक बैठक बुलाए चुपचाप फर्जी तरीके से अपने नजदीकी को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन करा दिया, जबकि उक्त विक्रेता अनपढ़ और अत्यंत सीधा सादा व्यक्ति है। उसे राशन विक्रेता से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। आरोप है, कि जब उनके द्वारा ग्राम प्रधान और उनके पति का विरोध किया गया तो उन्होंने दखलंदाजी करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से फर्जी तरीके से आवंटित की गई सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निरस्त कराकर नियमानुसार दुकान आवंटित किए जाने की मांग की।
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मंडलायुक्त से की गई शिकायत में विकासखंड साढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांव हरिपुर निवासी सुधीर कुमार, हरिराम, बनेश, सुशील, किरणपाल, अतुल कुमार, बीर सिंह, अवनीश कुमार, कविता का कहना है, कि उनके गांव के राशन विक्रेता ने पत्नी के ग्राम प्रधान चुने जाने पर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान छोड़ दी थी, जिसके बाद विक्रेता के चयन के लिए मुनादी एवं एजेंडा प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, लेकिन ग्राम प्रधान एवं उनके पति पूर्व राशन विक्रेता ने प्रक्रिया को नजर अंदाज करते हुए बिना किसी मुनादी, एजेंडे और सार्वजनिक बैठक बुलाए चुपचाप फर्जी तरीके से अपने नजदीकी को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन करा दिया, जबकि उक्त विक्रेता अनपढ़ और अत्यंत सीधा सादा व्यक्ति है। उसे राशन विक्रेता से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। आरोप है, कि जब उनके द्वारा ग्राम प्रधान और उनके पति का विरोध किया गया तो उन्होंने दखलंदाजी करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से फर्जी तरीके से आवंटित की गई सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निरस्त कराकर नियमानुसार दुकान आवंटित किए जाने की मांग की।
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