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आखिर कौन है सहारनपुर हिंसा का गुनहगार
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:19 AM IST
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आखिर कौन है सहारनपुर हिंसा का गुनहगार?
सहारनपुर। मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी के सहारनपुर हिंसा के पीछे अवैध खनन वाले बयान के बाद यहां सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर हिंसा के पीछे खनन माफिया को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में साफ है कि प्रशासन की भेजी गई जांच रिपोर्ट के बाद इसका खुलासा हुआ है। सीएम के बयान बाद प्रशासन और पुलिस के सामने हिंसा के जिम्मेदार खनन माफिया पर कार्रवाई की चुनौती होगी।
जातीय हिंसा से झुलस रहे सहारनपुर को लेकर पूरे देश में सियासत समय-समय पर गरमाती रही है। इस हिंसा के पीछे भीम आर्मी की भूमिका पाई गई और जांच में बड़े पैमाने पर फंडिंग का भी खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के तमाम दावों के बीच अब तक भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर की गिरफ्तारी को छोड़ दिया जाए तो कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस बीच मुख्यमंत्री का हिंसा के पीछे खनन माफिया की भूमिकापर दिया गया बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह खनन माफिया कौन है और मुख्यमंत्री ने उसे जिम्मेदार ठहराया है तो उस पर अधिकारी कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं। दरअसल, सहारनपुर अवैध खनन का मजबूत गढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने भी यहां हुए अवैध खनन की जांच के आदेश दिए हैं। हाल ही में सीबीआई ने अवैध खनन की जांच की है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी की इस बात को बल मिल रहा है कि अवैध खनन से रोकने पर हिंसा कराई गई। उधर, डीएम पीके पांडेय का कहना है कि हिंसा के दोषियों को चिह्नित किया जा रहा है और उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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सहारनपुर। मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी के सहारनपुर हिंसा के पीछे अवैध खनन वाले बयान के बाद यहां सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर हिंसा के पीछे खनन माफिया को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में साफ है कि प्रशासन की भेजी गई जांच रिपोर्ट के बाद इसका खुलासा हुआ है। सीएम के बयान बाद प्रशासन और पुलिस के सामने हिंसा के जिम्मेदार खनन माफिया पर कार्रवाई की चुनौती होगी।
जातीय हिंसा से झुलस रहे सहारनपुर को लेकर पूरे देश में सियासत समय-समय पर गरमाती रही है। इस हिंसा के पीछे भीम आर्मी की भूमिका पाई गई और जांच में बड़े पैमाने पर फंडिंग का भी खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के तमाम दावों के बीच अब तक भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर की गिरफ्तारी को छोड़ दिया जाए तो कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस बीच मुख्यमंत्री का हिंसा के पीछे खनन माफिया की भूमिकापर दिया गया बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह खनन माफिया कौन है और मुख्यमंत्री ने उसे जिम्मेदार ठहराया है तो उस पर अधिकारी कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं। दरअसल, सहारनपुर अवैध खनन का मजबूत गढ़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने भी यहां हुए अवैध खनन की जांच के आदेश दिए हैं। हाल ही में सीबीआई ने अवैध खनन की जांच की है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी की इस बात को बल मिल रहा है कि अवैध खनन से रोकने पर हिंसा कराई गई। उधर, डीएम पीके पांडेय का कहना है कि हिंसा के दोषियों को चिह्नित किया जा रहा है और उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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