फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   7,000 properties that deposited taxes by filing self-assessment forms will be investigated.

Saharanpur News: स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराने वाली 7,000 संपत्तियों की होगी जांच

Sun, 26 Apr 2026 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 26 Apr 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
7,000 properties that deposited taxes by filing self-assessment forms will be investigated.
सहारनपुर। स्वकर प्रपत्र में अपनी संपत्तियों के कम क्षेत्रफल का दावा करने वाले करीब सात हजार व्यापारियों और उद्यमियों के व्यावसायिक भवन जांच के दायरे में आए हैं। प्रपत्र में दावा किया है कि उनके प्रतिष्ठानों का क्षेत्रफल कम है, लेकिन नगर निगम की तरफ से टैक्स ज्यादा भेजा गया है। नगर आयुक्त ने सभी की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

नगर निगम ने करीब डेढ वर्ष पहले 37,500 व्यावसायिक भवनों को जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे आधारित बिल भेजे थे। अनेक उद्यमियों और व्यापारियों ने बिल को कई गुणा तक अधिक बढ़ने की बात कहते हुए आपत्ति जताई थी। इसे लेकर नगर निगम में विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बाद नगर निगम ने स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू कर दी थी।
विज्ञापन

बिलों से असंतुष्ट व्यापारियों और उद्यमियों से स्वकर प्रपत्र भरकर बिल जमा कराने को कहा था। करीब पांच हजार व्यापारियों और उद्यमियों ने प्रपत्र भरकर बिल जमा कराए थे, लेकिन दिसंबर 2025 में पता चला कि दिल्ली रोड स्थिति कामधेनु काॅम्प्लेक्स में औद्योगिक भवनों पर कर निर्धारण में धांधली की गई है, जिन भवनों पर टैक्स लाखों में लगना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनके स्वामियों के साथ सांठगांठ कर टैक्स हजारों में कर दिया गया। 18 दिसंबर की कार्यकारिणी की बैठक में पार्षद मंसूर बदर ने भी मामला उठाया था। इसके बाद नगर आयुक्त शिपू गिरि ने कामधेनु काॅम्प्लेक्स की सभी संपत्तियों की जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन समय के साथ जांच दबा दी गई।
इसके बाद 32,500 व्यावसायिक भवन ऐसे बचे थे, जिनके स्वामियों ने न तो स्वकर प्रपत्र भरा और न ही बिल जमा कराया था। इन्हें मार्च 2026 में पुन: जीआईएस सर्वे आधारित बिल जारी किए गए। 31 मार्च तक बिल जमा कराने या स्वकर प्रपत्र भरकर बिल जमा कराने को कहा गया था।

इनमें से भी करीब दो हजार लोगों ने स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराया है। चर्चा है कि दिल्ली रोड के साथ ही जनता रोड और देहरादून रोड के कई औद्योगिक भवनों का टैक्स मिलीभगत से लाखों से घटाकर हजारों में कर दिया गया। अब नगर आयुक्त ने स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराने से संबंधित सभी व्यावसायिक भवनों की जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed