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पुलिस अफसर बनी बहलोलपुर के किसान की बेटी

Sun, 24 Feb 2019 12:47 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 24 Feb 2019 12:47 AM IST
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पुलिस अफसर बनी बहलोलपुर के किसान की बेटी
पुलिस अफसर बनी बहलोलपुर के किसान की बेटी
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सहारनपुर। गांव बहलोलपुर निवासी किसान साधूराम की बेटी स्वाति पुलिस विभाग की अफसर बनी हैं। शुक्रवार को जारी पीसीएस 2016 के परिणाम में स्वाति चौधरी का चयन डीएसपी के लिए हुआ है। जिसमें उसको तीसरा स्थान मिला है, जबकि महिला वर्ग में उसको प्रथम स्थान मिला है। बेटी की सफलता के बाद परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। स्वाति ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद को दिया है।
स्वाति चौधरी ने 12वीं तक की पढ़ाई एचआर इंटर कॉलेज गंगोह से की। बीएससी महाराज सिंह कॉलेज सहारनपुर और एमएससी देहरादून से की। दिल्ली जाकर उन्होंने पीसीएस की तैयारी की। स्वाति 2015 की पीसीएस परीक्षा में भी शामिल हुई, मगर सफलता नहीं मिली। इस बार सफलता हासिल की। स्वाति अपनी सफलता से बेहद खुश हैं। स्वाति ने बताया कि उसकी पहली च्वाईस ही डीएसपी थी। वह पुलिस विभाग में रहते हुए पीड़ितों और मजलूमों की सेवा कर सकेगी। खासकर महिलाओं और बेटियों की रक्षा और सुरक्षा पर विशेष जोर देंगी। स्वाति ने अपनी सफलता का श्रेय पिता साधूराम और मां करुणेश को दिया है। स्वाति का कहना है कि यदि माता-पिता उसे पढ़ने के लिए देहरादून और दिल्ली ना भेजते तो शायद वह इस मुकाम तक न पहुंच पाती। इसके अलावा उसने अपने छोटे भाई जो अब इस दुनिया में नहीं हैं लक्ष्य को भी अपनी सफलता का श्रेय दिया है। बता दें कि लक्ष्य नवोदित क्रिकेटर था, जो करीब ढाई माह पहले एक सड़क हादसे का शिकार बना। लक्ष्य स्वाति का एकलौता भाई था। स्वाति की बड़ी बहन श्वेता की शादी हो चुकी है और छोटी बहन साक्षी जेवी जैन कॉलेज से एमएससी कर रही है। भाजपा नेता मनोज पंडित, ज्योति शर्मा, दिव्या रानी, नीरज, अमरीश, बॉबी कुमार, संजीव, राजेश ने बधाई दी।
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सहायक अध्यापक से नायब तहसीलदार बने अजय
सहारनपुर। गांव भटपुरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक अजय कुमार ने पीसीएस 2016 में सफलता हासिल की है। उनका चयन नायब तहसीलदार के लिए हुआ है। अजय की सफलता से परिवार में खुशी की लहर है। दोस्त बधाई देने पहुंच रहे हैं।
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शिवालिक एन्क्लेव निवासी अजय कुमार की 12वीं तक की पढ़ाई भूतेश्वर इंटर कॉलेज से तथा बीएससी महाराज सिंह कॉलेज से हुई। उन्होंने इतिहास और समाजशास्त्र में एमए किया है। साथ ही यूजीसी नेट भी पास हैं। वह पिछले तीन साल से पीसीएस की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें यह सफलता तीसरी बार में मिली है। अजय कुमार की पत्नी ललिता भी शिक्षिका हैं, जो भगवानपुर ब्लॉक के गांव अलावलपुर के स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं। भाई सुखपाल सिंह रेलवे में सीनियर इंजीनियर हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने भाई और पत्नी के साथ ही अपने मार्गदर्शक आरए खान, हिमांशु आदि को दिया है। साथी अटल बहादुर सिंह, डॉ. रतन सिंह, दिवेश कुमार, डॉ. अनिल बावरे, हरिओम, राज कुमार आदि ने बधाई दी।
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अधिकारी बना गांव जगहेता गुर्जर के मजदूर का बेटा
सहारनपुर। गांव जगहेता गुर्जर निवासी रकम सिंह के बेटे डॉ. प्रवीण कुमार ने पीसीएस 2016 में सफलता हासिल की है। उनका चयन डिस्ट्रिक्ट ऑडिट ऑफिसर के लिए हुआ है। वर्तमान में प्रवीण कुमार फिरोज गांधी पीजी कॉलेज रायबरेली में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

प्रवीण कुमार ने 12वीं तक की पढ़ाई जनता इंट कॉलेज झबीरन से की। एमएड और पीएचडी जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर से की। शिक्षा शास्त्र और मनोविज्ञान विषयों में नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण हैं। 2008 में विशिष्ट बीटीसी, 2013 में पीजीटी में चयन हो चुका है। प्रवीण कुमार के पिता रकम सिंह मजदूर हैं। प्रवीण की चार बहने हैं। छोटा भाई रोहित कुमार ने जेवी जैन कॉलेज से एमएससी की है। प्रवीण कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों से मिले मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने यह सफलता सेल्फ स्टडी से प्राप्त की।
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