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लगातार दूसरे दिन किसानों ने नहीं कराया स्वास्थ्य परीक्षण
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। मिल चालू कराने की मांग को लेकर किसानों ने आमरण अनशन के 15वें दिन स्वास्थ्य परीक्षण कराने से मना कर दिया।
पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी यमुना खादर एवं घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्टूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। शुक्रवार को आमरण अनशन पर बैठे किसान मेघराज सैनी, खूबचंद, कर्मसिंह, दर्शनलाल काम्बोज, कर्णसिंह का कहना है कि अब वे स्वास्थ्य विभाग की टीम से स्वास्थ्य जांच नही करायेंगे। वे मिल चालू न कराये जाने की पीड़ा से बाध्य होकर आमरण अनशन पर मर मिटने के लिए तैयार हैं। बता दें कि बृहस्पतिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को आमरण पर बैठे किसानों की बिना स्वास्थ्य जांच किए ही वापस लौटना पड़ा था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.नितिन कदवाल ने बताया कि उनकी टीम नियमित धरना स्थल पर स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंच रही है। किसानों द्वारा दो दिन से स्वास्थ्य जांच न कराये जाने की सूचना एसडीएम को दे दी गयी है। अब प्रशासनिक स्तर से ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। धरने पर बैठे किसान नारायण सिंह, इंद्राज कांबोज, प्रेमचंद, गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन चौ.ताहिर, चौ.रामपाल सिंह, बिरमपाल कांबोज, बुद्धसिंह प्रधान, यशविन्द्र, पद्मप्रकाश शर्मा, पवन सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सतीश शर्मा, चौ.देवी सिंह, समय सिंह प्रधान, शोभाराम भगत, आमिर चौहान, हाजी मुकर्रम आदि का कहना है कि कंपकंपाती सर्दी के बावजूद भी प्रशासन ने आज तक धरना स्थल पर अलाव जलाने तक की व्यवस्था नहीं की है।
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पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी यमुना खादर एवं घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्टूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। शुक्रवार को आमरण अनशन पर बैठे किसान मेघराज सैनी, खूबचंद, कर्मसिंह, दर्शनलाल काम्बोज, कर्णसिंह का कहना है कि अब वे स्वास्थ्य विभाग की टीम से स्वास्थ्य जांच नही करायेंगे। वे मिल चालू न कराये जाने की पीड़ा से बाध्य होकर आमरण अनशन पर मर मिटने के लिए तैयार हैं। बता दें कि बृहस्पतिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को आमरण पर बैठे किसानों की बिना स्वास्थ्य जांच किए ही वापस लौटना पड़ा था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.नितिन कदवाल ने बताया कि उनकी टीम नियमित धरना स्थल पर स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंच रही है। किसानों द्वारा दो दिन से स्वास्थ्य जांच न कराये जाने की सूचना एसडीएम को दे दी गयी है। अब प्रशासनिक स्तर से ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। धरने पर बैठे किसान नारायण सिंह, इंद्राज कांबोज, प्रेमचंद, गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन चौ.ताहिर, चौ.रामपाल सिंह, बिरमपाल कांबोज, बुद्धसिंह प्रधान, यशविन्द्र, पद्मप्रकाश शर्मा, पवन सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सतीश शर्मा, चौ.देवी सिंह, समय सिंह प्रधान, शोभाराम भगत, आमिर चौहान, हाजी मुकर्रम आदि का कहना है कि कंपकंपाती सर्दी के बावजूद भी प्रशासन ने आज तक धरना स्थल पर अलाव जलाने तक की व्यवस्था नहीं की है।