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अवैध खनन की शिकायत पर डीएम ने मारा छापा
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:00 AM IST
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सरसावा (सहारनपुर)। यमुना नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेत खनन किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने छापा मारा, तो अवैध खनन के बाद रेत से लदी 15 ट्रालियां और छह ट्रैक्टर मौके पर खड़े मिले, जबकि खनन माफिया और खनन कार्य में लगे लोग मौके से फरार हो गए। मौके पर मिले वाहनों को सरसावा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय अचानक सरसावा क्षेत्र के ग्राम झरौली में यमुना नदी के किनारे पहुंचे। यमुना नदी से अवैध रेत खनन की शिकायतें प्रशासन को मिली थीं। इसी के चलते डीएम ने गोपनीय तरीके से यमुना नदी के किनारे छापेमारी की। डीएम के पहुंचते ही यमुना किनारे खनन में लगे लोग भाग निकले, लेकिन रेत से लदी 15 ट्रालियां और छह ट्रैक्टर वहीं छोड़ दिए। इसके बाद खान अधिकारी पीके सिंह भी मौके पर पहुंचे और सरसावा थाना पुलिस भी आ गई। डीएम ने मौके पर रेत से लदी 15 ट्रालियां तथा 6 ट्रैक्टरों को पुलिस के सुपुर्द करा दिया। करीब आधा घंटा यमुना नदी किनारे रुकने के बाद अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देकर जिलाधिकारी लौट गए।
किसी को नहीं लगी भनक
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बृहस्पतिवार को इतनी गोपनीयता के साथ यमुना नदी किनारे पर छापा मारा कि इसकी भनक किसी को नहीं लग पाई। वहां धड़ल्ले से खनन हो रहा था। यहां तक कि पुलिस और खान अधिकारी भी बाद में ही पहुंचे। यमुना नदी से अवैध खनन होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने खान अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रतिदिन आकस्मिक छापेमारी कर अवैध खनन पर अंकुश लगाया जाए। यदि इसमें लापरवाही बरती जाएगी, तो कार्रवाई होगी।
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दया शुगर मिल का निरीक्षण किया
सहारनपुर। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बृहस्पतिवार को दया शुगर मिल पहुंचकर बॉयलर पाइप लीक होने संबंधी घटना की स्थलीय जांच की। जांच के समय सहायक श्रमायुक्त, जिला गन्ना अधिकारी एवं सहायक निदेशक कारखाना एवं टेक्निकल अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस घटना में तीन मजदूर घायल हुए थे। जिसमें दो को मामूली चोटें आई थीं। उन्होंने स्थलीय जांच के दौरान उपस्थित घायल मजदूरों को क्षतिपूर्ति धनराशि उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही घटना के कारणों एवं मिल प्रबंधन द्वारा बॉयलर के पाइप लीकेज के बाद किए गए मरम्मत आदि की आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय अचानक सरसावा क्षेत्र के ग्राम झरौली में यमुना नदी के किनारे पहुंचे। यमुना नदी से अवैध रेत खनन की शिकायतें प्रशासन को मिली थीं। इसी के चलते डीएम ने गोपनीय तरीके से यमुना नदी के किनारे छापेमारी की। डीएम के पहुंचते ही यमुना किनारे खनन में लगे लोग भाग निकले, लेकिन रेत से लदी 15 ट्रालियां और छह ट्रैक्टर वहीं छोड़ दिए। इसके बाद खान अधिकारी पीके सिंह भी मौके पर पहुंचे और सरसावा थाना पुलिस भी आ गई। डीएम ने मौके पर रेत से लदी 15 ट्रालियां तथा 6 ट्रैक्टरों को पुलिस के सुपुर्द करा दिया। करीब आधा घंटा यमुना नदी किनारे रुकने के बाद अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देकर जिलाधिकारी लौट गए।
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किसी को नहीं लगी भनक
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बृहस्पतिवार को इतनी गोपनीयता के साथ यमुना नदी किनारे पर छापा मारा कि इसकी भनक किसी को नहीं लग पाई। वहां धड़ल्ले से खनन हो रहा था। यहां तक कि पुलिस और खान अधिकारी भी बाद में ही पहुंचे। यमुना नदी से अवैध खनन होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने खान अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रतिदिन आकस्मिक छापेमारी कर अवैध खनन पर अंकुश लगाया जाए। यदि इसमें लापरवाही बरती जाएगी, तो कार्रवाई होगी।
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दया शुगर मिल का निरीक्षण किया
सहारनपुर। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बृहस्पतिवार को दया शुगर मिल पहुंचकर बॉयलर पाइप लीक होने संबंधी घटना की स्थलीय जांच की। जांच के समय सहायक श्रमायुक्त, जिला गन्ना अधिकारी एवं सहायक निदेशक कारखाना एवं टेक्निकल अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस घटना में तीन मजदूर घायल हुए थे। जिसमें दो को मामूली चोटें आई थीं। उन्होंने स्थलीय जांच के दौरान उपस्थित घायल मजदूरों को क्षतिपूर्ति धनराशि उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही घटना के कारणों एवं मिल प्रबंधन द्वारा बॉयलर के पाइप लीकेज के बाद किए गए मरम्मत आदि की आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।