{"_id":"5b50dbbc4f1c1b3c748b5e57","slug":"61532025788-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरी समाज ने मंडलायुक्त कार्यालय पर किया धरना प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरी समाज ने मंडलायुक्त कार्यालय पर किया धरना प्रदर्शन
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र बनाए जाने की मांग को लेकर भारतीय कोरी समाज ने बृहस्पतिवार को कमिश्नर कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शासनादेश के बावजूद प्रशासन कोरी समाज के लोगों के एससी के प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहा है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली रोड स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाषचंद्र लहरी ने कहा कि प्रदेश में कोरी समाज के लोगों के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सरकार ने शासनादेश जारी किया हुआ है। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि हिंदू जुलाहा अलग से कोई जाति नहीं है, बल्कि बुनकर का काम करने वालों की जाति कोरी है। कोरी जाति पहले से ही अनुसूचित जाति की अनुसूची में क्रमांक संख्या 50 पर अंकित है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकारी कर्मचारी और लेखपाल साक्ष्यों को नजरअंदाज करके कोरी जाति के लोगों के जाति प्रमाण पत्र में गलत रिपोर्ट लगाकर आवेदन को निरस्त कर रहे हैं। जो शासनादेश के साथ ही कोरी जाति के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को उल्लंघन है। प्रांतीय अध्यक्ष कोरी शिवराम चक्रवर्ती, कोरी दिनेश कुमार, अजब सिंह कोरी, प्रमोद कुमार, बलराज आर्य, डॉ. विनोद कुमार, रणधीर सिंह, गुलवीर सिंह, जयप्रकाश कोरी, प्रदीप कुमार, सुंदरलाल, सोमप्रकाश, जितेंद्र कुमार प्रधान, जयपाल कोरी, ओमप्रकाश आदि रहे।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को दिल्ली रोड स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाषचंद्र लहरी ने कहा कि प्रदेश में कोरी समाज के लोगों के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सरकार ने शासनादेश जारी किया हुआ है। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि हिंदू जुलाहा अलग से कोई जाति नहीं है, बल्कि बुनकर का काम करने वालों की जाति कोरी है। कोरी जाति पहले से ही अनुसूचित जाति की अनुसूची में क्रमांक संख्या 50 पर अंकित है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकारी कर्मचारी और लेखपाल साक्ष्यों को नजरअंदाज करके कोरी जाति के लोगों के जाति प्रमाण पत्र में गलत रिपोर्ट लगाकर आवेदन को निरस्त कर रहे हैं। जो शासनादेश के साथ ही कोरी जाति के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को उल्लंघन है। प्रांतीय अध्यक्ष कोरी शिवराम चक्रवर्ती, कोरी दिनेश कुमार, अजब सिंह कोरी, प्रमोद कुमार, बलराज आर्य, डॉ. विनोद कुमार, रणधीर सिंह, गुलवीर सिंह, जयप्रकाश कोरी, प्रदीप कुमार, सुंदरलाल, सोमप्रकाश, जितेंद्र कुमार प्रधान, जयपाल कोरी, ओमप्रकाश आदि रहे।
विज्ञापन