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पीएमसी के लिए री-टेंडरिंग की तैयारी
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:53 PM IST
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) के चयन के लिए री-टेंडरिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। यानी नए सिरे से कंपनियों से आवेदन मांगे जाएंगे, जिसके बाद किसी एक कंपनी को फाइनल किया जाएगा। पीएमसी फाइनल नहीं होने की वजह से ही अभी तक स्मार्ट सिटी के तहत कोई काम शुरू नहीं हो सका है।
योजना के तहत अनेक कमेटियों का गठन किया जाना है। योजना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सहारनपुर में एसवीपी (स्पेशल प्रपज व्हीकल कमेटी) गठित की जा चुकी है, जिनमें नौ सदस्य रखे गए हैं। सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी बनाई गई है, मगर कमेटी में शामिल पूर्व कमिश्नर और एसडीए उपाध्यक्ष का ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में इस कमेटी को अपडेट किया जाना है। हालांकि सहारनपुर में अभी तक एसडीए उपाध्यक्ष की स्थाई तैनाती नहीं हो सकी है। इसके अलावा एडवाइजरी फोरम का गठन किया जा चुका है, जिसमें जन प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। पीएमसी यानी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के लिए नगर निगम को मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके लिए टेंडर निकाले गए थे, जिनमें 15 कंपनियों ने आवेदन किए थे। मगर 13 कंपनियों के नहीं आने की वजह से प्रक्रिया उलझ गई। अब फाइट में दो ही कंपनियां बची हैं, जबकि प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कम से कम तीन कंपनियों का फाइट में होना जरूरी है। ऐसे में नगर निगम ने री-टेंडरिंग की तैयारी शुरू कर दी है।
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योजना के तहत अनेक कमेटियों का गठन किया जाना है। योजना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सहारनपुर में एसवीपी (स्पेशल प्रपज व्हीकल कमेटी) गठित की जा चुकी है, जिनमें नौ सदस्य रखे गए हैं। सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी बनाई गई है, मगर कमेटी में शामिल पूर्व कमिश्नर और एसडीए उपाध्यक्ष का ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में इस कमेटी को अपडेट किया जाना है। हालांकि सहारनपुर में अभी तक एसडीए उपाध्यक्ष की स्थाई तैनाती नहीं हो सकी है। इसके अलावा एडवाइजरी फोरम का गठन किया जा चुका है, जिसमें जन प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। पीएमसी यानी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के लिए नगर निगम को मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके लिए टेंडर निकाले गए थे, जिनमें 15 कंपनियों ने आवेदन किए थे। मगर 13 कंपनियों के नहीं आने की वजह से प्रक्रिया उलझ गई। अब फाइट में दो ही कंपनियां बची हैं, जबकि प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कम से कम तीन कंपनियों का फाइट में होना जरूरी है। ऐसे में नगर निगम ने री-टेंडरिंग की तैयारी शुरू कर दी है।
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