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लक्ष्मण को मूर्छा आने पर श्रीराम खेमे में छाया मातम
Updated Sun, 08 Apr 2018 12:17 AM IST
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नकुड़ (सहारनपुर)। नगर में आयोजित रामलीला महोत्सव में कलाकारों ने मेघनाथ द्वारा युद्ध में ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित करने एवं श्रीराम द्वारा विलाप का मार्मिक मंचन किया। जबकि कुंभकरण के रोमांचकारी युद्ध ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
श्री रामलीला भवन में पवन गुप्ता के निर्देशन में आयोजित रामलीला मंचन में लक्ष्मण एवं मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध हुआ। अपनी पराजय देखकर मेघनाथ ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। इस पर लक्ष्मण के मूर्छित होते ही राम की सेना में हाहाकार मच गया। लक्ष्मण का सिर गोद में रख विलाप करते श्रीराम को देख उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो गई। हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी पहाड़ से लाने आदि के संवादों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लंकाधिपति रावण की आज्ञा पाकर कुंभकरण युद्ध के मैदान में आया और प्रभु श्री राम और कुंभकरण के बीच हुए भीषण युद्ध ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस भयंकर युद्ध के परिणाम स्वरूप अंत में कुंभकरण श्रीराम के हाथों मारा गया। कुंभकरण वध के साथ ही श्री रामलीला पंडाल में भगवान श्री राम के जयकारे गूंजनेे लगे। इसके पूर्व लीला मंचन का उद्घाटन भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवीर सिंह पुंडीर, सुभाष चंद सर्राफ एवं शिव कुमार गुप्ता ने भगवान श्री राम की आरती उतारी और दीप प्रज्वलित करके किया। श्री रामलीला महोत्सव समिति के उपाध्यक्ष पंकज जैन और संयोजक राजेश जैन राजू ने बताया कि 8 तारीख को दिन में भरत मिलाप की लीला का मंचन जनक बाजार में और रात में भगवान श्री राम का राजतिलक किया जाएगा। राम की भूमिका बसंत सैनी, लक्ष्मण की भूमिका मुनेश, विकास चौधरी-सीता, नेम चंद गुप्ता हनुमान, मेघनाथ अभिनव सिंघल, रावण की किरदार प्रदीप धनगर ने निभाया। इस अवसर पर महोत्सव समिति के प्रधान भूपेंद्र गुप्ता, महामंत्री हरीश गर्ग, कोषाध्यक्ष सोहन गुप्ता, उपाध्यक्ष पंकज जैन, मनोज मित्तल, राजेश जैन राजू, सरवन त्यागी, ऋषिपाल शर्मा, अनुज मित्तल, अनिल गोयल, बिजेन्द्र नारायण, संजीव जैन, संगम जैन, प्रशांत शर्मा, माणिक सिंघल, अमित कर्णवाल, बाला देवी, मनोज गोयल, प्रवीण मित्तल, विपुल, संजय, अंकित गोयल आदि रहे।
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श्री रामलीला भवन में पवन गुप्ता के निर्देशन में आयोजित रामलीला मंचन में लक्ष्मण एवं मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध हुआ। अपनी पराजय देखकर मेघनाथ ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। इस पर लक्ष्मण के मूर्छित होते ही राम की सेना में हाहाकार मच गया। लक्ष्मण का सिर गोद में रख विलाप करते श्रीराम को देख उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो गई। हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी पहाड़ से लाने आदि के संवादों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लंकाधिपति रावण की आज्ञा पाकर कुंभकरण युद्ध के मैदान में आया और प्रभु श्री राम और कुंभकरण के बीच हुए भीषण युद्ध ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस भयंकर युद्ध के परिणाम स्वरूप अंत में कुंभकरण श्रीराम के हाथों मारा गया। कुंभकरण वध के साथ ही श्री रामलीला पंडाल में भगवान श्री राम के जयकारे गूंजनेे लगे। इसके पूर्व लीला मंचन का उद्घाटन भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवीर सिंह पुंडीर, सुभाष चंद सर्राफ एवं शिव कुमार गुप्ता ने भगवान श्री राम की आरती उतारी और दीप प्रज्वलित करके किया। श्री रामलीला महोत्सव समिति के उपाध्यक्ष पंकज जैन और संयोजक राजेश जैन राजू ने बताया कि 8 तारीख को दिन में भरत मिलाप की लीला का मंचन जनक बाजार में और रात में भगवान श्री राम का राजतिलक किया जाएगा। राम की भूमिका बसंत सैनी, लक्ष्मण की भूमिका मुनेश, विकास चौधरी-सीता, नेम चंद गुप्ता हनुमान, मेघनाथ अभिनव सिंघल, रावण की किरदार प्रदीप धनगर ने निभाया। इस अवसर पर महोत्सव समिति के प्रधान भूपेंद्र गुप्ता, महामंत्री हरीश गर्ग, कोषाध्यक्ष सोहन गुप्ता, उपाध्यक्ष पंकज जैन, मनोज मित्तल, राजेश जैन राजू, सरवन त्यागी, ऋषिपाल शर्मा, अनुज मित्तल, अनिल गोयल, बिजेन्द्र नारायण, संजीव जैन, संगम जैन, प्रशांत शर्मा, माणिक सिंघल, अमित कर्णवाल, बाला देवी, मनोज गोयल, प्रवीण मित्तल, विपुल, संजय, अंकित गोयल आदि रहे।
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