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डीसीओ ने दिए गन्ने की उतम खेती के टिप्स
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:52 AM IST
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सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने किसानों को गन्ने की उत्तम खेती के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बसंत कालीन गन्ने की बुवाई करके ही बढ़िया उत्पादन लिया जा सकता है। उन्होंने किसानों को अस्वीकृत प्रजाति की बुवाई नहीं करने की सलाह दी।
डीसीओ ने बताया कि जनपद में गन्ना बुआई का सबसे उपयुक्त समय 15 फरवरी से 15 मार्च है। इसके बाद बुआई करने पर उपज में कमी आ जाती है, इसलिए बढ़िया उत्पादन के लिए समय से बुवाई करनी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बेहतरीन उत्पादन के लिए शुद्ध गन्ना बीज की अत्यंत महत्ता है। किसानों को बीज गन्ना और गन्ना के अंतर को समझना चाहिए। जनपद के अधिकतर किसान गन्ना बुवाई के लिए ऐसे गन्ने की खेती का चुनाव करते हैं, जो एकदम से पतला हो और बीज की मात्रा कम लगे। ऐसे गन्ने से निकलने वाली आंख कमजोर होती है, जिससे जमाव के साथ ही फुटाव भी कम होता है। इसके चलते उत्पादन घट जाता है। किसान स्वस्थ गन्ने की ही बुवाई करें और बोने से पहले उसको सही तरीके से उपचारित भी कर लें। उन्होंने कहा कि किसान अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों की बुआई कतई ना करें, क्योंकि चीनी मिलें इन्हें आगामी पेराई सत्र में नही खरीदेंगी। इसके साथ ही अस्वीकृत प्रजातियों कीट और रोग ग्रसित हो गई हैं, इसलिए इनकी बुवाई उपयुक्त नहीं है। उन्होंने बताया कि अगेती प्रजातियों में सीओ 0238, सीओ 0118, सीओएस 08272 और मध्य देर (सामान्य ) की प्रजातियों में सीओएस 07250, 5011एवं 08279 की पैदावार बहुत अच्छी है। विभागीय पौधशालाओं में उन्नतशील प्रजातियों का बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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डीसीओ ने बताया कि जनपद में गन्ना बुआई का सबसे उपयुक्त समय 15 फरवरी से 15 मार्च है। इसके बाद बुआई करने पर उपज में कमी आ जाती है, इसलिए बढ़िया उत्पादन के लिए समय से बुवाई करनी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बेहतरीन उत्पादन के लिए शुद्ध गन्ना बीज की अत्यंत महत्ता है। किसानों को बीज गन्ना और गन्ना के अंतर को समझना चाहिए। जनपद के अधिकतर किसान गन्ना बुवाई के लिए ऐसे गन्ने की खेती का चुनाव करते हैं, जो एकदम से पतला हो और बीज की मात्रा कम लगे। ऐसे गन्ने से निकलने वाली आंख कमजोर होती है, जिससे जमाव के साथ ही फुटाव भी कम होता है। इसके चलते उत्पादन घट जाता है। किसान स्वस्थ गन्ने की ही बुवाई करें और बोने से पहले उसको सही तरीके से उपचारित भी कर लें। उन्होंने कहा कि किसान अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों की बुआई कतई ना करें, क्योंकि चीनी मिलें इन्हें आगामी पेराई सत्र में नही खरीदेंगी। इसके साथ ही अस्वीकृत प्रजातियों कीट और रोग ग्रसित हो गई हैं, इसलिए इनकी बुवाई उपयुक्त नहीं है। उन्होंने बताया कि अगेती प्रजातियों में सीओ 0238, सीओ 0118, सीओएस 08272 और मध्य देर (सामान्य ) की प्रजातियों में सीओएस 07250, 5011एवं 08279 की पैदावार बहुत अच्छी है। विभागीय पौधशालाओं में उन्नतशील प्रजातियों का बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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