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आईआरजीएस की शिकायतों ने उड़ाई अफसरों की नींद
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:02 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम के अफसरों से आईआरजीएस शिकायतों का जवाब नहीं बन पा रहा है। चूंकि मामला सीधा मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा है। ऐसे में कार्रवाई से बचने के लिए अनेक शिकायतों के गलत जवाब बनाकर भेजे जा रहे हैं।
सरकार ने जनसुनवाई पोर्टल बनाया हुआ है, जिस पर कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। पोर्टल पर की जाने वाली एक-एक शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में पहुंचती है, जिनका संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लेते हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ऑनलाइन शिकायतों में भारी इजाफा हुआ है। सूत्रों ने बताया कि नगर निगम की सौ से अधिक शिकायतें ही महीने आईआरजीएस के द्वारा की जा रही हैं। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय संबंधित विभागीय अधिकारी से एक निर्धारित समय सीमा में जवाब मांगता है। नगर निगम में वर्तमान में लगभग सभी विभागों के अधिकारियों पर ऐसी अनेक शिकायतों के जवाब पेंडिंग हैं। सबसे अधिक शिकायतें निर्माण विभाग से जुड़ी हैं, जिनमें सड़कें, नालियां व सीवर की समस्याएं शामिल हैं। इसके बाद पथ प्रकाश अनुभाग और साफ-सफाई का मामला है। जवाब देने को लेकर अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। सूूत्रों ने बताया कि किसी भी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारी सच्चाई से हटकर जवाब तैयार कर भेज रहे हैं।
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सरकार ने जनसुनवाई पोर्टल बनाया हुआ है, जिस पर कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। पोर्टल पर की जाने वाली एक-एक शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में पहुंचती है, जिनका संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लेते हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ऑनलाइन शिकायतों में भारी इजाफा हुआ है। सूत्रों ने बताया कि नगर निगम की सौ से अधिक शिकायतें ही महीने आईआरजीएस के द्वारा की जा रही हैं। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय संबंधित विभागीय अधिकारी से एक निर्धारित समय सीमा में जवाब मांगता है। नगर निगम में वर्तमान में लगभग सभी विभागों के अधिकारियों पर ऐसी अनेक शिकायतों के जवाब पेंडिंग हैं। सबसे अधिक शिकायतें निर्माण विभाग से जुड़ी हैं, जिनमें सड़कें, नालियां व सीवर की समस्याएं शामिल हैं। इसके बाद पथ प्रकाश अनुभाग और साफ-सफाई का मामला है। जवाब देने को लेकर अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। सूूत्रों ने बताया कि किसी भी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारी सच्चाई से हटकर जवाब तैयार कर भेज रहे हैं।
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