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महासमाधिक से बाहर आए कालेंद्रानंद महाराज
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:00 AM IST
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सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर पवित्र गुफा में निर्जल नवरात्र समाधि से बाहर आए स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि दुर्गा रूप प्रकृति का संतुलन भाव ही समाधि है।
श्री राम-कृष्ण विवेकानंद संस्थान की ओर से नवरात्र पर आयोजित कार्यक्रम के तहत प्रथम नवरात्र से पूर्व स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने मंदिर की पवित्र गुफा अन्न-जल त्यागर महासमाधि ली थी। दुर्गा अष्टमी पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज पवित्र गुफा से बाहर आए और कन्याओं के हाथ से जूस पीकर अपना उपवास और निर्जल समाधि को विश्राम दिया। उन्होंने कहा कि तप से ही जीव सद्मार्ग पर रहता है। बिना तपस्या के धर्म का सुरक्षित नहीं है। इस दौरान अरुण स्वामी, राजेंद्र धीमान, ज्ञानेंद्र पुंडीर, रमेश शर्मा, सुधीर त्यागी, शेर सिंह, सुरेंद्र शर्मा, अनिल ठाकुर, गीता, मीरा, राधा, सविता, विभा, वर्षा, किरण मौजूद रहे।
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श्री राम-कृष्ण विवेकानंद संस्थान की ओर से नवरात्र पर आयोजित कार्यक्रम के तहत प्रथम नवरात्र से पूर्व स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने मंदिर की पवित्र गुफा अन्न-जल त्यागर महासमाधि ली थी। दुर्गा अष्टमी पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज पवित्र गुफा से बाहर आए और कन्याओं के हाथ से जूस पीकर अपना उपवास और निर्जल समाधि को विश्राम दिया। उन्होंने कहा कि तप से ही जीव सद्मार्ग पर रहता है। बिना तपस्या के धर्म का सुरक्षित नहीं है। इस दौरान अरुण स्वामी, राजेंद्र धीमान, ज्ञानेंद्र पुंडीर, रमेश शर्मा, सुधीर त्यागी, शेर सिंह, सुरेंद्र शर्मा, अनिल ठाकुर, गीता, मीरा, राधा, सविता, विभा, वर्षा, किरण मौजूद रहे।
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