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राजस्व टीम ने शिकायतकर्ता किसान को बना दिया मुकदमे का वादी
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लखनौती (सहारनपुर)। खेत की चकरोड पर अवैध कब्जा होने की शिकायत करना किसान को महंगा पड़ गया। राजस्व टीम ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में स्वयं मुकदमा दर्ज कराने की बजाय शिकायतकर्ता किसान को ही वादी बना दिया। उसकी पत्नी ने किसान की बीमारी का हवाला देते हुए तहसीलदार से शिकायत कर लेखपाल या किसी अन्य अधिकारी को मुकदमे का वादी बनाए जाने की मांग की है।
गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव उमरपुर निवासी महिला शोभा ने नकुड़ तहसीलदार को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि करीब 30 वर्ष पूर्व चकबंदी के दौरान पड़ोसी ने उनके खेत पर जाने वाली चकरोड पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। उस समय इसकी शिकायत तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल में करने पर चकरोड को कब्जा मुक्त करा दिया गया था, लेकिन बाद में फिर से विपक्षीगणों ने चकरोड पर कब्जा कर लिया था। अब मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित उच्चाधिकारियों से की गई थी। इसमें विपक्षीगण पर चार हजार रुपये का जुर्माना और चकरोड से कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। राजस्व टीम द्वारा कब्जा हटवाने के बाद विपक्षीगणों ने फिर से चकरोड पर कब्जा कर लिया है जिस पर तहसीलदार ने लेखपाल को विपक्षीगणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश दिए थे। आरोप है कि राजस्व टीम ने मुकदमा अपने नाम से दर्ज करवाने की बजाय उसके 70 वर्षीय पति को वादी बना दिया है। महिला ने पति की बीमारी का हवाला देते हुए बताया कि मुकदमे की पैरवी करने में उसका पति असमर्थ हैं। पीड़िता ने पति की बजाय राजस्व टीम के लेखपाल या किसी अन्य अधिकारी को मुकदमे का वादी बनाने की मांग की है। उधर, तहसीलदार देवेंद्र सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव उमरपुर निवासी महिला शोभा ने नकुड़ तहसीलदार को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि करीब 30 वर्ष पूर्व चकबंदी के दौरान पड़ोसी ने उनके खेत पर जाने वाली चकरोड पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। उस समय इसकी शिकायत तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल में करने पर चकरोड को कब्जा मुक्त करा दिया गया था, लेकिन बाद में फिर से विपक्षीगणों ने चकरोड पर कब्जा कर लिया था। अब मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित उच्चाधिकारियों से की गई थी। इसमें विपक्षीगण पर चार हजार रुपये का जुर्माना और चकरोड से कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। राजस्व टीम द्वारा कब्जा हटवाने के बाद विपक्षीगणों ने फिर से चकरोड पर कब्जा कर लिया है जिस पर तहसीलदार ने लेखपाल को विपक्षीगणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश दिए थे। आरोप है कि राजस्व टीम ने मुकदमा अपने नाम से दर्ज करवाने की बजाय उसके 70 वर्षीय पति को वादी बना दिया है। महिला ने पति की बीमारी का हवाला देते हुए बताया कि मुकदमे की पैरवी करने में उसका पति असमर्थ हैं। पीड़िता ने पति की बजाय राजस्व टीम के लेखपाल या किसी अन्य अधिकारी को मुकदमे का वादी बनाने की मांग की है। उधर, तहसीलदार देवेंद्र सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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