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गुरु के गुणगान से किया संगतों को निहाल
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:27 AM IST
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गुरु के गुणगान से किया संगतों को निहाल
देवबंद (सहारनपुर)। पंजाबी समाज की ओर से मंगलवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज का प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। इसमें रागी जत्थों ने गुरु का गुणगान कर संगतों को निहाल कर दिया।
गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सभा स्थित दशमेश हॉल में कार्यक्रम में हजूरी रागी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश 13 अगस्त 1604 को पंचम पातशाही गुरु अर्जुन देव साहिब ने श्री हरिमंदिर साहिब अमृतसर में कराया था। तब ग्रंथ को आदि ग्रंथ नाम दिया गया। वर्ष 1705 में दशम पातशाही साहिब श्री गुरू गोविंद सिंह जी ने ग्रंथ साहिब में नौवें पातशाही गुरु तेग बहादुर जी की वाणी दर्ज कर श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी को साकार रूप दिया और संगतों को हुकम दिया कि आज्ञा भाई अकाल की तभे चलाओ पंथ, सब सिखन को हुक्म है, गुरू मनाओ ग्रंथ।
युवा पंजाबी क्लब के अध्यक्ष गुरजोत सिंह सेठी ने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब संपूर्ण मानवता के धर्म है। गुरू ग्रंथ साहिब में गुरुओं, पीरों, फकीरों, सूफी, संतों, हिंदू, मुस्लिमों सभी की वाणी दर्ज है। जातपात के भेदभाव से रहित ब्राह्मण विद्वानों की बाणी है तो वहीं, भक्त रविदास, भक्त नामदेव आदि की भी बाणी समाहित है। गुरप्रीत सिंह और अमनदीप सिंह ने गुरु का गायन कर संगतों को निहाल किया। कार्यक्रम में इंद्रपाल सिंह सेठी, इकबाल सिंह, सचिन छाबड़ा, इंद्रजीत राणा, मनीष भारती, बलदीप सिंह, अनू छाबड़ा, जोगेंद्र बेदी, हरविंदर सिंह बेदी, कमलदीप सिंह, गगनदीप सिंह, राजपाल नारंग, सोनू छाबड़ा, राजपाल सिंह, सन्नी-मन्नी सेठी आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। पंजाबी समाज की ओर से मंगलवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज का प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। इसमें रागी जत्थों ने गुरु का गुणगान कर संगतों को निहाल कर दिया।
गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सभा स्थित दशमेश हॉल में कार्यक्रम में हजूरी रागी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश 13 अगस्त 1604 को पंचम पातशाही गुरु अर्जुन देव साहिब ने श्री हरिमंदिर साहिब अमृतसर में कराया था। तब ग्रंथ को आदि ग्रंथ नाम दिया गया। वर्ष 1705 में दशम पातशाही साहिब श्री गुरू गोविंद सिंह जी ने ग्रंथ साहिब में नौवें पातशाही गुरु तेग बहादुर जी की वाणी दर्ज कर श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी को साकार रूप दिया और संगतों को हुकम दिया कि आज्ञा भाई अकाल की तभे चलाओ पंथ, सब सिखन को हुक्म है, गुरू मनाओ ग्रंथ।
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युवा पंजाबी क्लब के अध्यक्ष गुरजोत सिंह सेठी ने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब संपूर्ण मानवता के धर्म है। गुरू ग्रंथ साहिब में गुरुओं, पीरों, फकीरों, सूफी, संतों, हिंदू, मुस्लिमों सभी की वाणी दर्ज है। जातपात के भेदभाव से रहित ब्राह्मण विद्वानों की बाणी है तो वहीं, भक्त रविदास, भक्त नामदेव आदि की भी बाणी समाहित है। गुरप्रीत सिंह और अमनदीप सिंह ने गुरु का गायन कर संगतों को निहाल किया। कार्यक्रम में इंद्रपाल सिंह सेठी, इकबाल सिंह, सचिन छाबड़ा, इंद्रजीत राणा, मनीष भारती, बलदीप सिंह, अनू छाबड़ा, जोगेंद्र बेदी, हरविंदर सिंह बेदी, कमलदीप सिंह, गगनदीप सिंह, राजपाल नारंग, सोनू छाबड़ा, राजपाल सिंह, सन्नी-मन्नी सेठी आदि मौजूद रहे।
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