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हाईवे को बढ़ाकर विपक्ष के विरोध की निकाली हवा
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:15 AM IST
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सहारनपुर। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे निर्माण को सहारनपुर से बढ़ाकर मां शाकंभरी देवी तक करने की घोषणा कर विपक्ष के विरोध की हवा निकाल दी। दरअसल सहारनपुर तक हाईवे घोषित किए जाने के बाद सपा और कांग्रेस के प्रभुत्व वाली तीनों विधानसभाएं हाईवे से वंचित रह गई थी। विपक्ष वोट नहीं तो विकास नहीं का नारा देकर भाजपा की घेराबंदी में जुटा था।
लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को सहारनपुर तक एनएच घोषित कर भाजपा ने सियासी दांव चला है। हाईवेे का निर्माण सहारनपुर में दिल्ली रोड पर मनानी फाटक तक प्रस्तावित था। अब तक यह मार्ग दिल्ली-यमनोत्री मार्ग राज्य राजमार्ग के रुप में जाना जाता था। 2009 में इस पूरे मार्ग का चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ था। बाकायदा बादशाही बाग तक भूमि अधिग्रहण करने के साथ पेड़ों की कटाई और पुलिया का निर्माण कर दिया गया था, मगर पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति न मिलने के कारण यह काम खटाई में पड़ गया था। इस मार्ग पर शहर विधानसभा के अलावा देहात और बेहट विधानसभा शामिल है। शहर सीट से सपा के संजय गर्ग, देहात से कांग्रेस के मसूद अख्तर और बेहट से कांग्रेस के नरेश सैनी विधायक हैं। एनएच घोषित करते समय तीनों विधानसभाओं को हाईवे में शामिल नहीं किया गया है। विपक्ष का आरोप था कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर उनकी विधानसभाओं को अलग किया है। हाईवे की इस पैंतरेबाजी को मुद्दा बनाकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे थे। शहर क्षेत्र से सपा विधायक संजय गर्ग, बेहट के कांग्रेस विधायक नरेश सैनी और देहात से कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर खुले तौर पर बोल रहे थे कि भाजपा ने विपक्ष प्रभुत्व वाली तीन सीटों के मतदाताओं को विकास से वंचित करने की साजिश रची है। भाजपा सांसद राघव लखन पाल शर्मा विरोध को भांप गए थे, क्योंकि जनप्रतिनिधियों के अलावा इलाके के लोग सवाल उठा रहे थे। शिलान्यास से पहले सांसद शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री योगी से वार्ता कर हाईवे को मां शाकंभरी देवी तक घोषित करने को तैयार कर लिया था। सांसद ने मंच से मांग उठाई तो सीएम योगी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगे बढ़ा दिया। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे को बढ़ाने की घोषणा करने में देरी नहीं की। भाजपा सांसद ने यह घोषणा कराकर विपक्ष को चारो खाने चित कर दिया हैं।
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लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को सहारनपुर तक एनएच घोषित कर भाजपा ने सियासी दांव चला है। हाईवेे का निर्माण सहारनपुर में दिल्ली रोड पर मनानी फाटक तक प्रस्तावित था। अब तक यह मार्ग दिल्ली-यमनोत्री मार्ग राज्य राजमार्ग के रुप में जाना जाता था। 2009 में इस पूरे मार्ग का चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ था। बाकायदा बादशाही बाग तक भूमि अधिग्रहण करने के साथ पेड़ों की कटाई और पुलिया का निर्माण कर दिया गया था, मगर पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति न मिलने के कारण यह काम खटाई में पड़ गया था। इस मार्ग पर शहर विधानसभा के अलावा देहात और बेहट विधानसभा शामिल है। शहर सीट से सपा के संजय गर्ग, देहात से कांग्रेस के मसूद अख्तर और बेहट से कांग्रेस के नरेश सैनी विधायक हैं। एनएच घोषित करते समय तीनों विधानसभाओं को हाईवे में शामिल नहीं किया गया है। विपक्ष का आरोप था कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर उनकी विधानसभाओं को अलग किया है। हाईवे की इस पैंतरेबाजी को मुद्दा बनाकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे थे। शहर क्षेत्र से सपा विधायक संजय गर्ग, बेहट के कांग्रेस विधायक नरेश सैनी और देहात से कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर खुले तौर पर बोल रहे थे कि भाजपा ने विपक्ष प्रभुत्व वाली तीन सीटों के मतदाताओं को विकास से वंचित करने की साजिश रची है। भाजपा सांसद राघव लखन पाल शर्मा विरोध को भांप गए थे, क्योंकि जनप्रतिनिधियों के अलावा इलाके के लोग सवाल उठा रहे थे। शिलान्यास से पहले सांसद शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री योगी से वार्ता कर हाईवे को मां शाकंभरी देवी तक घोषित करने को तैयार कर लिया था। सांसद ने मंच से मांग उठाई तो सीएम योगी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगे बढ़ा दिया। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे को बढ़ाने की घोषणा करने में देरी नहीं की। भाजपा सांसद ने यह घोषणा कराकर विपक्ष को चारो खाने चित कर दिया हैं।
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