{"_id":"5b65fede4f1c1b49778b620a","slug":"51533411038-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण के मुद्दों पर मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण के मुद्दों पर मंथन
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण के मुद्दों पर किया मंथन
सहारनपुर। अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा की बैठक में एससी-एसटी एक्ट और पदोन्नति में आरक्षण आदि मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को वर्ग संघर्ष की इस नीति का परित्याग करना चाहिए।
शनिवार को पंत विहार स्थित कार्यालय पर बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा जब विपक्ष में तब सत्ताधारी पार्टियों पर तुष्टीकरण और वोट की राजनीति कर सामाजिक विघटन करने का आरोप लगाती थी। शाहबानो केस में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को संसद में पलटने को लोकतंत्र के लिए खतरा बताती थी। वही भाजपा अब सत्ता में आने के बाद उच्च न्यायालय के पदोन्नति में आरक्षण संबंधी निर्णय को संसद के माध्यम से पलटने की तैयारी कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सामाजिक समरसता है। उन्होंने कहा कि देश का प्रबुद्घ वर्ग दलित और पिछड़ों के शैक्षिक एवं आर्थिक उन्नयन का हामी है, लेकिन जो लोग परिश्रम से अपने पैरों पर खडे़ हैं, उन्हें पिछड़ते हुए नहीं देखना चाहता। जिलाध्यक्ष केके शर्मा, महानगर अध्यक्ष अजयमणि शर्मा, विकास शर्मा, योगेश शर्मा, श्राव्य गौड, प्रदीप कपिल, प्रदीप शर्मा, हरिओम मिश्रा, विपिन शर्मा, ललतेश उपाध्याय, अजय शर्मा, अज्जू आदि रहे।
विज्ञापन
सहारनपुर। अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा की बैठक में एससी-एसटी एक्ट और पदोन्नति में आरक्षण आदि मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को वर्ग संघर्ष की इस नीति का परित्याग करना चाहिए।
शनिवार को पंत विहार स्थित कार्यालय पर बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा जब विपक्ष में तब सत्ताधारी पार्टियों पर तुष्टीकरण और वोट की राजनीति कर सामाजिक विघटन करने का आरोप लगाती थी। शाहबानो केस में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को संसद में पलटने को लोकतंत्र के लिए खतरा बताती थी। वही भाजपा अब सत्ता में आने के बाद उच्च न्यायालय के पदोन्नति में आरक्षण संबंधी निर्णय को संसद के माध्यम से पलटने की तैयारी कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सामाजिक समरसता है। उन्होंने कहा कि देश का प्रबुद्घ वर्ग दलित और पिछड़ों के शैक्षिक एवं आर्थिक उन्नयन का हामी है, लेकिन जो लोग परिश्रम से अपने पैरों पर खडे़ हैं, उन्हें पिछड़ते हुए नहीं देखना चाहता। जिलाध्यक्ष केके शर्मा, महानगर अध्यक्ष अजयमणि शर्मा, विकास शर्मा, योगेश शर्मा, श्राव्य गौड, प्रदीप कपिल, प्रदीप शर्मा, हरिओम मिश्रा, विपिन शर्मा, ललतेश उपाध्याय, अजय शर्मा, अज्जू आदि रहे।
विज्ञापन